आयोग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बैलेट पेपर की छपाई की गई है, वोटर लिस्ट भी तैयार है और वार्डों का पुनर्गठन भी हो चुका है। पत्र में मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन होने की भी बात कही गई है। जनवरी में पंचायतीराज संस्थाओं का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है, ऐसे में चुनाव कराना सांविधानिक बाध्यता है। राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव के लिए तैयार है, लेकिन राज्य सरकार के सहयोग के बिना चुनाव कराना संभव नहीं है। जिला निर्वाचन अधिकारियों को चुनाव सामग्री ले जाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक उठाई नहीं गई है। पत्र में कहा गया है कि अगर समय पर चुनाव नहीं होते है तो असांविधानिक होगा।
पहली बार बनी है इस तरह की स्थिति
राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव की तैयारियां पूरी कर ली है, ऐसे में आदेशों की अवहेलना करने वाले जिला निर्वाचन अधिकारियों पर आयोग सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। प्रदेश में हर बार समय पर पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव हुए हैं। हिमाचल के इतिहास में पहली बार इस तरह की स्थिति बनी हुई है। आयोग के आदेशों की कभी भी अनुपालना नहीं हुई है।
मुख्य सचिव से मिले पंचायती राज विभाग के सचिव
राज्य निर्वाचन आयुक्त के राजभवन में राज्यपाल से मिलने के बाद पंचायतीराज विभाग के सचिव सी पाल रासु ने मुख्य सचिव संजय गुप्ता से मुलाकात की। सूत्र बताते हैं कि दोनों के बीच पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव के बारे में चर्चा हुई है। इससे पहले पंचायतीराज विभाग के सचिव ने कमीशन के सचिव सुरजीत राठौर से इस विषय पर चर्चा की है।
खाची की रिपोर्ट पढ़ने के बाद निर्णय लेंगे निर्णय : राज्यपाल
राज्यपाल ने बताया कि शुक्रवार सुबह राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची उनसे मिले और एक बंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट सौंपी है। उन्होंने अभी रिपोर्ट पढ़ी नहीं है। जल्द ही उसका अध्ययन कर उचित निर्णय लिया जाएगा।
राष्ट्रीय लेखा परीक्षा एवं लेखा अकादमी (एनएएए) शिमला के महानिदेशक एस आलोक ने उद्घाटन संबोधन में बताया कि विभाग द्वारा लेखा परीक्षा को आसान और कागज रहित बनाने के लिए हाइब्रिड और रिमोट ऑडिट जैसे अहम कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि ऑडिट का मतलब केवल आपत्तियां करना नहीं है बल्कि सरकारी निधि के पारदर्शी और जिम्मेदारी पूर्ण व्यय के साथ नागरिक केंद्रित एवं लक्ष्य आधारित व्यय का जरिया भी है। इससे पहले राज्यपाल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में प्रधान महालेखाकार पुरुषोत्तम तिवारी, वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।