हिमाचल के बिलासपुर जिले के दधोल इलाके के तिलकराज को अपना शिकार बनाने वाले तेंदुए को शूटरों ने शुक्रवार सुबह मार गिराया। करीब एक महीने से दहशत बना आदमखोर तेंदुआ शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे डोहरू गांव के पास शूटरों के निशाने पर आया।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए के पैरों के निशान का मिलाप किया। इससे साफ हो गया कि यह वही तेंदुआ है, जिसने तिलकराज को मारा था। तेंदुए ने 26 नवंबर को तिलकराज पर हमला कर उसे मार डाला था।
शूटर टीम के प्रमुख रमेश चौहान ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे उनकी टीम के सदस्य हितेंद्र पंवर, ललित उर्फ बिट्टू और फॉरेस्ट गार्ड ज्ञान चंद डोहरू गांव के नजदीक जंगल में तेंदुए की तलाश कर रहे थे। उन्हें पेड़ के पीछे तेंदुआ दिखाई दिया।
इतना बड़ा था तेंदुआ कि गांववाले भी हैरान
इसने अपना मुंह पेड़ के पीछे छुपा लिया था। हितेंद्र पंवर ने गोली चलाई। यह तेंदुए के पेट में लगी। इससे वह वहीं ढेर हो गया। सूचना मिलते ही एसपी राहुल नाथ, डीएफओ सीबी ताशीलदार, कंजरवेटर अनिल जोशी, आरओ भराड़ी रमेश सहित वाइल्ड लाइफ स्टाफ के सदस्य मौके पर पहुंचे।
रमेश ने बताया कि यह वही तेंदुआ है, जिसने 26 नवंबर को दधोलकलां गांव में तिलक राज (45) को मार डाला था। जिस जगह तेंदुए ने तिलक राज को मारा था, वहां से मिले पैरों के निशान से यह पता चल गया था कि तेंदुआ एक पांव से घायल है। शुक्रवार को जिस तेंदुए को शूटरों ने गोली मारी, उसका एक पांव भी जख्मी है।
शूटरों की टीम ने जिस तेंदुए को मारा है, उसकी लंबाई करीब आठ फुट 7 इंच थी। भारी-भरकम शरीर वाले तेंदुए का वजन करीब 75 किलो निकला। विभाग और पुलिस के सामने तेंदुए का पोस्टमार्टम करवाया गया। डीएफओ सीबी ताशीलदार ने बताया कि तेंदुए की ऊंचाई करीब 34 इंच से अधिक थी।