मेरिट आधारित भर्ती की जाएगी
शिक्षा विभाग के अनुसार कक्षा पहली से 12वीं तक अंग्रेजी को अनिवार्य विषय बनाने के बाद शिक्षकों की कमी है। पहले पीटीए, एसएमसी और अन्य अस्थायी व्यवस्थाओं से नियुक्तियां की जाती थीं, लेकिन इससे न तो अपेक्षित गुणवत्ता मिल पाई और न ही पारदर्शिता सुनिश्चित हो सकी। अब नई नीति में संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के अनुरूप, मेरिट आधारित भर्ती की जाएगी। सरकार का फोकस रटंत प्रणाली से हटकर कौशल आधारित और व्यावहारिक शिक्षण पर रहेगा। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया राज्य चयन आयोग (हमीरपुर) या सरकार की ओर से अधिसूचित अन्य एजेंसी के जरिये होगी। चयनित अभ्यर्थियों को पांच वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त किया जाएगा।
25 से 45 वर्ष रहेगी आयु सीमा
अंग्रेजी शिक्षक के लिए एमए अंग्रेजी, बीएड और स्नातक स्तर पर अंग्रेजी विषय में निर्धारित प्रतिशत अनिवार्य होगा। वहीं, गणित शिक्षक के लिए एमए, एमएससी गणित के साथ बीएड जरूरी किया गया है। दोनों ही विषयों के लिए आयु सीमा 25 से 45 वर्ष तय की गई है। अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को अंकों में नियमानुसार छूट दी जाएगी। योजना में शिक्षकों को 30 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा, जो एक शैक्षणिक वर्ष में 10 माह के लिए देय होगा। भविष्य में सरकार की मंजूरी से इसमें वार्षिक बढ़ोतरी भी की जा सकेगी।
टीए-डीए, हिमकेयर-आयुष्मान का लाभ मिलेगा
शिक्षकों को 12 आकस्मिक अवकाश, आधिकारिक कार्यों के लिए टीए-डीए और हिमकेयर-आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मिलेगा। जरूरत पड़ने पर इन शिक्षकों को अतिरिक्त कक्षाएं लेनी होंगी, साथ ही इन्हें अवकाश पर गए शिक्षकों के स्थान पर विकल्प शिक्षक के रूप में भी तैनात किया जा सकेगा। स्कूल प्रमुख इन्हें क्लस्टर या आसपास के सरकारी स्कूलों में अल्प अवधि के लिए भेज सकेंगे।