बता दें, पेपर लीक के मामले सामने आने पर कई भर्ती परिणाम विजिलेंस जांच के कारण लंबित थे। इस मामले के समाधान के लिए प्रदेश सरकार की ओर से कानूनी पहलुओं के निरीक्षण के लिए उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन किया गया था। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा इस उप समिति के सदस्य हैं।