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HP Cabinet Decisions: जेई व प्रवक्ता भर्ती के लिए गैर हिमाचली पात्र नहीं, मल्टी टास्क वर्करों को तोहफा

Sat, 28 Jun 2025 10:30 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। राज्य मंत्रिमंडल ने पे मैट्रिक्स लेवल-11 के पदों को ग्रुप बी से ग्रुपसी में पुनर्वर्गीकृत करने को मंजूरी दे दी।
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हिमाचल मंत्रिमंडल बैठक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक शनिवार को शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। प्रदेश में जेई, स्कूल प्रवक्ता न्यू समेत विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए गैर हिमाचली आवेदन नहीं कर पाएंगे। इन पदों की भर्तियां राज्य लोक सेवा आयोग नहीं, बल्कि हमीरपुर स्थित राज्य कर्मचारी चयन आयोग करेगा।

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राज्य कैबिनेट ने लेवल-11 वेतनमान के पदों को ग्रुप बी से ग्रुप सी में पुनर्वर्गीकृत करने को स्वीकृत प्रदान की। इस निर्णय के तहत अब केवल बोनाफाइड (स्थायी/मूल) हिमाचली ही ग्रुप सी पदों के लिए आवेदन करने के लिए पात्र होंगे। पहले ग्रुप बी श्रेणी के तहत आने वाले इन पदों की भर्ती हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से की जाती थी और देशभर के अभ्यर्थी इन पदों के लिए आवेदन कर सकते थे। अब इनकी भर्ती प्रक्रिया हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से ग्रुपसी के नियमों के तहत की जाएगी। बैठक में 500 पशु मित्रों की भर्ती को भी मंजूरी दी गई।

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 मल्टी टास्क वर्करों का मानदेय बढ़ाया, किसानों के लिए नई योजना
मंत्रिमंडल ने लोक निर्माण विभाग में कार्यरत लगभग 5,000 मल्टी टास्क वर्करों का मासिक मानदेय 5,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये करने को मंजूरी दे दी। इसके अलावा 500 पशु मित्र भर्ती करने का भी निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने गैर सरकारी दुग्ध सहकारी समितियों को दूध आपूर्ति करने वाले किसानों के लिए दूध प्रोत्साहन योजना शुरू करने का निर्णय लिया। इसके तहत दुग्ध उत्पादकों को तीन रुपये प्रति लीटर का उपदान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर व प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से दिया जाएगा।

पर्यटन विकास निगम का कार्यालय धर्मशाला शिफ्ट होगा, जिला पुलिस देहरा में 101 पद भरे जाएंगे
मंत्रिमंडल की बैठक में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के मुख्यालय को शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने को स्वीकृति दी गई। यह निर्णय कांगड़ा को हिमाचल की पर्यटन राजधानी घोषित किए जाने के मद्देनजर लिया गया है। कैबिनेट के अनुसार इस निर्णय से शिमला शहर पर भीड़ का दबाव कम करने में सहायता मिलेगी। बैठक में जिला पुलिस देहरा की पुलिस लाइनों में विभिन्न श्रेणियों के 101 पदों का सृजन करने और उन्हें भरने की मंजूरी भी कैबिनेट ने दी।

 सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए ब्याज सब्सिडी का प्रावधान
राज्य सरकार ने स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए ब्याज सब्सिडी प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय के तहत जनजातीय क्षेत्रों में 100 किलोवाट से 1 मेगावाट की परियोजनाओं पर पांच प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, जबकि गैर जनजातीय क्षेत्रों में 250 किलोवाट से 2 मेगावाट की परियोजनाओं पर 4 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी मुहैया करवाई जाएगी। 

100 पंचायतों में 500 किलोवाट के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित होंगे
राज्य कैबिनेट ने हिम ऊर्जा के सहयोग से 100 पंचायतों में 500 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए एमओयू करने को भी मंजूरी दी गई। इस फैसले से प्रति परियोजना प्रतिमाह 25 लाख रुपये आय होने की संभावना है। इस आय का 30 प्रतिशत हिस्सा हिम ऊर्जा को, 20 प्रतिशत राज्य सरकार को और 40 प्रतिशत संबंधित ग्राम पंचायतों को मिलेगा। अतिरिक्त 10 प्रतिशत आय अनाथों और विधवाओं के कल्याण के लिए पंचायतों को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हरित ऊर्जा का उपयोग सुनिश्चित कर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन में कमी करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। नवीकरणीय ऊर्जा अक्षय ऊर्जा स्रोत है। इसका उपयोग कर भावी पीढि़यों के लिए ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

पंचायतों में आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र स्थापित करने का फैसला
 कैबिनेट की बैठक में बादल फटने और बाढ़ आने की घटनाओं के बीच कैबिनेट ने सभी 3,645 पंचायतों में आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र स्थापित करने का फैसला लिया। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में जानमाल की रक्षा के लिए त्वरित व प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी व यादविंद्र गोमा ने दी। 

मानसून में अब तक 300 करोड़ का नुकसान : नेगी
मानसून सीजन के दौरान अब तक प्रदेश में करीब 300 करोड़ का नुकसान हो चुका है। शनिवार को मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी मीडिया को देते हुए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानसून के दौरान भारी बारिश से प्रदेश में व्यापक नुकसान हुआ है। सरकार को मिली रिपोर्ट के अनुसार अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। 37 सड़कें बंद चल रही हैं और 47 ट्रांसफार्मर ठप हैं। 
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बैठक में नहीं पहुंच सके उपमुख्यमंत्री और तीन मंत्री
 राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में शनिवार को उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और तीन मंत्री उपस्थित नहीं हो सके। अग्निहोत्री के घर पर श्रीमद्भागवतपुराण कथा चल रही है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान सिरमौर दौरे पर थे। सूत्रों के अनुसार उन्हें चचेरे भाई की मृत्यु होने पर अचानक शिलाई में रुकना पड़ा। अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर अपने विधानसभा क्षेत्र में थे, जबकि लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह नई दिल्ली में बताए जा रहे हैं। 
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