हिमाचल कैबिनेट बैठक।
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499 पैरा कुक और 563 पैरा हेल्पर नियुक्त करने का निर्णय, अक्षय ऊर्जा एकीकरण के 2000 करोड़ की योजना
बैठक में प्रदेशभर के 499 वन विश्राम गृहों और निरीक्षण कुटीर के उचित रख-रखाव और भोजन प्रबंध के लिए वन विभाग में 499 पैरा कुक और 563 पैरा हेल्पर नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। प्रदेश में अक्षय ऊर्जा एकीकरण के लिए विश्व बैंक से स्वीकृत 2,000 करोड़ रुपये की योजना को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। पांच वर्ष की इस परियोजना के लिए वर्ल्ड बैंक 1,600 करोड़ और प्रदेश सरकार 4,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। हिमाचल प्रदेश पावर सेक्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए वर्ल्ड बैंक वर्ष 2023 में बजट जारी करेगा। वर्ष 2023 से 2028 तक के लिए यह बजट स्वीकृत हुआ है। प्रोग्राम के तहत पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन और बोर्ड पर बिजली नेटवर्क की मजबूती का जिम्मा रहेगा। प्रदेश में 200 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन पावर कारपोरेशन और हिम ऊर्जा के माध्यम से किया जाएगा। बिजली प्रोजेक्ट लगने से पर्यावरण और सामाजिक नुकसान का अध्ययन कर सुधार करने के लिए रिपोर्ट बनाई जाएगी। बिजली की खरीद और बिक्री के लिए स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर का अपग्रेडेशन किया जाएगा। ऊर्जा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। अक्षय ऊर्जा में वे सारी ऊर्जा शामिल हैं जो प्रदूषण कारक नहीं हैं। जिनके स्रोत का क्षय नहीं होता या जिनके स्रोत का पुन: भरण होता रहता है। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जलविद्युत ऊर्जा, ज्वार भाटा से प्राप्त ऊर्जा, बायोगैस और जैव ईंधन अक्षय ऊर्जा कहे जाते हैं। इस प्रोग्राम के तहत जल विद्युत की कोई भी नई परियोजना शुरू नहीं की जाएगी। पहले से स्थापित परियोजनाओं को ही मजबूत किया जाएगा। परियोजनाओं की क्षमता बढ़ाने के लिए अध्ययन भी किया जाएगा।