हिमाचल प्रदेश के देवी-देवता अरबों की संपत्ति के मालिक हैं। शक्तिपीठों में मां चिंतपूर्णी के पास अरबों की संपत्ति है। मां चिंतपूर्णी के दरबार में सालभर श्रद्धालु आते हैं। देवी मां के दर पर श्रद्धालु मन्नत मांगते हैं। मन्नत पूरी होने पर वे दिल खोलकर मां के चरणों के में भेंटें चढ़ाते हैं।
मां चिंतपूर्णी के पास 1.2 अरब रुपये की एफडी है और करीब दो क्विंटल सोना और 71.42 क्विंटल चांदी है। इसके अलावा मां चिंतपूर्णी के पास 1.57 करोड़ रुपये की नकदी है। मां श्रीनयना देवी, चामुंडा देवी, ब्रजेश्वरी देवी और ज्वाला जी के पास भी करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी है। प्रदेश के मंदिरों में करीब 500 किलो सोना और 20 टन चांदी है। इन मंदिरों में श्रद्धालुओं की ओर से अर्पित की गई करीब 400 करोड़ रुपये की राशि नकद और एफडी के तौर पर जमा है।