कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) की मंडियों में प्रदेश सरकार के एपीएमसी एक्ट का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। मंडियों में लोडिंग की दरों के नाम पर बागवानों से मनमानी वसूली हो रही है। फसल की पेमेंट किसानों को निर्धारित समय पर नहीं दी जा रही, जबकि एपीएमसी एक्ट में उसी दिन पेमेंट का प्रावधान है। इतना ही नहीं, सेब को औसत मूल्य पर बेचने की व्यवस्था है लेकिन इस सीजन से छोटे सेब के दामों में 30 फीसदी तक कटौती की जा रही है। एपीएमसी की मंडियों में चल रही मनमानी के खिलाफ संयुक्त किसान मंच ने मोर्चा खोलने का फैसला लिया है।
व्यवस्था न सुधरी तो एक हफ्ते बाद आंदोलन
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सरकार की मंडियों में ही सरकारी एक्ट लागू नहीं हो रहा। एक हफ्ते में व्यवस्था न सुधरी तो बागवान सड़कों पर उतरेंगे। - संजय चौहान, सह संयोजक, संयुक्त किसान मंच
मंडियों में सेब आकार नहीं, औसत मूल्य पर बेचने के ही आढ़तियों को निर्देश दिए हैं। अगर कोई मनमानी करे तो उसकी शिकायत करते सकते हैं। -देवानंद वर्मा, अध्यक्ष, एपीएमसी