हिमाचल प्रदेश भाजपा की प्रथम बैठक भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप की अध्यक्षता ने शरू हुई। कोविड-19 संकटकाल में जिस प्रकार से भाजपा ने गरीब लोगों और कोविड-19 से संक्रमित व्यक्तियों के लिए कार्य किया है, उसकी विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
पूरे देश की तरह ही हिमाचल प्रदेश में भी कोविड संकट बड़ा है। इससे पार पाते हुए ही मिशन रिपीट को साधना होगा। प्रदेश भाजपा कोर कमेटी में गहन मंथन से एक राय बनी। इसके लिए मंगलवार को पीटरहॉफ शिमला में हिमाचल प्रदेश की भाजपा सरकार और संगठन को मजबूत बनाने के लिए सरकार और संगठन में लंबी मंत्रणा हुई। इसमें तय हुआ कि लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव से पार्टी आक्रामक रुख अपनाएगी। सेवा ही संगठन भाग-दो के तहत भाजपा के दिग्गज नेताओं की देर रात तक बंद सभागार में यह चर्चा चली। बुधवार सुबह के सत्र में फिर कोर ग्रुप की दूसरी बैठक होगी।
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, राजीव बिंदल, संगठन महामंत्री पवन राणा, स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल, त्रिलोक जमवाल, राकेश जमवाल और त्रिलोक कपूर ने लंबी मंत्रणा की। चाय की चुस्कियों के बीच में कई मुद्दों पर सहमति-असहमतियों का हल्का-फुल्का दौर भी चला। बाद में एकमत तय हुआ कि कोविड का संकट बड़ा है। इससे पार पाते हुए मिशन रिपीट चुनौती की तरह होगा, मगर यह असंभव नहीं है। प्रदेश में एक बार भाजपा और दूसरी बार कांग्रेस का मिथ भी तोड़ना होगा। इसके लिए मंत्रियों, विधायकों, बोर्डों-निगमों के अध्यक्षों-उपाध्यक्षों, पार्टी पदाधिकारियों और अन्य तमाम लोगों को मेहनत करनी होगी। भाजपा को फील्ड में आक्रामकता से उतरना होगा। उपचुनाव ही नहीं, आम चुनाव के लिए भी अब वक्त कम बचा है।
बैठक में नहीं पहुंच पाए शांता, डाक्टरों की सलाह पर अभी विश्राम पर
कोर कमेटी की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार नहीं पहुंच पाए। डाक्टरों की सलाह पर वह विश्राम पर हैं।
बुधवार को पहुंचेंगे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुदान सिंह
हिमाचल, हरियाणा और पंजाब के प्रभारी और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह बुधवार को शिमला पहुंच रहे हैं। वह पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों में नई ऊर्जा का संचार करेंगे। बुधवार को भाजपा के पिछलीविधानसभा के सभी प्रत्याशियों को भी बुलाया गया है। इसी दिन मोर्चे के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों से भी चर्चा होगी। वीरवार को तीसरे दिन निगमों-बोर्डों के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और जिला प्रभारियों को भी बैठक के लिए बुलाया गया है।