ग्रामीणों द्वारा सौर ऊर्जा से उत्पादित की जाने वाली बिजली को उसी गांव के घरों सहित स्ट्रीट लाइटों में प्रयोग किया जाएगा। इसके बाद बचने वाली बिजली को बोर्ड ढाई रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदेगा। इसके लिए गांवों में टू वे बिजली मीटर लगाए जाएंगे।
सोलर पैनल को ग्रिड से भी जोड़ा जाएगा। बिजली बोर्ड की इस नई पहल का प्रयोग कर गांवों से जहां लो वोल्टेज की किल्लत दूर होगी, वहीं शहरी क्षेत्रों की तरह गांवों की गलियां भी स्ट्रीट लाइट से जगमगा उठेंगी। ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने इस पहल को सफल करने के लिए विधायकों को सहयोग देने की अपील की है।
ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा भी मंडी में बनाए जा रहे अपने नए भवन में भी 45 किलोवाट का सौर ऊर्जा पैनल लगवा रहे हैं। कहा कि बतौर ऊर्जा मंत्री उन्होंने सौर ऊर्जा पैनल लगाने के लिए अपने घर से शुरुआत की है। प्रदेशवासियों को भी इस दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।