हिमाचल विवि करवाएगा छात्रावासों की मरम्मत, 16 करोड़ रुपये से करवाए जाने हैं कार्य और रंग-रोगन
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एक जनवरी से 18 फरवरी तक रहेंगी छुट्टियां
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में एक जनवरी से शुरू हो रही सर्दियों की छुट्टियों में छात्रावासों को मरम्मत कार्यों के चलते खाली करवाया जा सकता है।
विवि प्रशासन ने पीएम उषा (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) के तहत मिलने वाले अनुदान से छात्रावासों की मरम्मत और रखरखाव के लिए 16 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके लिए सीपीडब्ल्यूडी और अन्य सक्षम एजेंसी के साथ एमओयू की तैयारी चल रही है। सिंगल निर्माण एजेंसी ही सर्दियों में एक जनवरी से 18 फरवरी तक होने वाली छुट्टियों में छात्रावासों की मरम्मत करेगी। ऐसे में सर्दियों में छात्रावासों को खाली करवाया जा सकता है। वहीं इसकी भनक लगते ही छात्र संगठन छात्रावासों को खुला रखने की मांग भी करने लगे हैं। छात्रावासों में कितने बंद किए जाने हैं, कितने खुले रहेंगे, किन छात्रों को छात्रावासों में ठहरने की अनुमति दी जाएगी या नहीं, इस पर विवि की वार्डन कमेटी जल्द बैठक बुलाएगी।
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वार्डन कमेटी के निर्णय के अनुसार चीफ वार्डन विवि प्रशासन से छात्रावासों को बंद रखने और खुले रखने को लेकर अनुमति मांगेगा। विवि के तीन से चार छात्रावास ऐसे हैं जिनकी छत बदली जानी है। कुछ ऐसे है जिसमें सीवरेज लाइन को बदला जाना है और बाथरूम में टाइलें लगनी हैं। इसके साथ ही रंग रोगन का कार्य किया जाएगा। विवि के चीफ वार्डन प्रो. आरएल जिंटा ने कहा कि सर्दियों की छुटि्टयों में सभी छात्रावास बंद होंगे या कुछ खुले रहेंगे इस पर वार्डन कमेटी की बैठक में निर्णय लिया जाएगा। कहा कि छात्रों की मांगों को भी नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
भवनों की मरम्मत का है प्रस्ताव : प्रो. धीमान
विवि के डीन प्लानिंग प्रो. जोगिंद्र धीमान ने माना कि सर्दियों की छुटि्टयों में छात्रावास खाली होते हैं, तो इस दौरान छात्रावासों का मरम्मत कार्य करवाया जाएगा। बताया कि पीएम उषा के तहत मिलने वाले बजट में से करीब 16 करोड़ रुपये छात्रावासों के भवनों की मरम्मत और रखरखाव पर खर्च होंगे। इसके लिए पीएम उषा के निर्देशानुसार सिंगल एजेंसी को काम दिया जाएगा। वहीं 20 जनवरी को नेट की परीक्षा होनी है। इसलिए छात्र सर्दियों में छात्रावासों में ठहरने की अनुमति दिए जाने और छात्रावासों को खुला रखने की मांग कर रहे हैं।