फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal News: बागवानी मंत्री का यू टर्न, बोले- बागवान बताएंगे कीमत, आढ़तियों से सरकार लेगी राय

Thu, 09 Feb 2023 07:36 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने अपने उस बयान से यू टर्न ले लिया, जिसमें उन्होंने यह कहा था कि बागवान अपनी फसलों की कीमत खुद तय नहीं कर सकते। चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस की पांचवीं गारंटी में यही बात शामिल थी कि बागवान अपनी फसलों की कीमत खुद तय करेंगे। 
विज्ञापन
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बागवानों के विरोध के बाद बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने अपने उस बयान से यू टर्न ले लिया, जिसमें उन्होंने यह कहा था कि बागवान अपनी फसलों की कीमत खुद तय नहीं कर सकते। चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस की पांचवीं गारंटी में यही बात शामिल थी कि बागवान अपनी फसलों की कीमत खुद तय करेंगे। गुरुवार को मंत्री ने दो दिन पहले दिए अपने बयान से यू टर्न लेते हुए कहा कि बागवान अपनी फसलों की कीमत खुद तय करेंगे। उसके बाद आढ़तियों से राय ली जाएगी। फिर सरकार बागवानों को फलों के उचित दाम दिलाएंगे। मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने 10 गारंटियां दीं हैं, उन्हें चरणबद्ध लागू किया जाएगा।

विज्ञापन


भाजपा उनके बयान तोड़-मरोड़कर पेशकर जनता को गुमराह कर रही है। इसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने सचिवालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि अदाणी के हिमाचल में तीन सीए स्टोर हैं। इसके भीतर बागवानों को जाने की इजाजत नहीं है। अदाणी सेब के दाम खुद तय करता है। उसके सीए स्टोर में लगी सभी मशीनों की जांच होगी। उन्होंने कहा कि एपीएमसी एक्ट को प्रदेश सरकार सख्ती से लागू करेगी। इससे मंडियों में बागवानों से लूटखसोट नहीं होगी। बागवानों के हितों को देखते हुए बागवानी आयोग का भी गठन होगा। इसको लेकर भी शिमला में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के साथ बैठक हुई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में यूनिवर्सल कार्टन लागू किया जाएगा, जिससे बागवानों को सीधे तौर पर फायदा पहुंचेगा। उन्हें फलों के उचित दाम मिल सकेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने दवाइयों पर सब्सिडी बंद कर दी थी, उसे बहाल किया गया है।

सीमावर्ती क्षेत्रों में नहीं हो रहा विकास
मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि केंद्र सरकार ने बार्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम का नाम बदलकर वाइब्रेंट विलेजिज रखा है। इस योजना के तहत सीमावर्ती 129 गांवों को लिया जाना था, लेकिन इसमें कुछ गांव को ही लिया गया। केंद्र की ओर से इस योजना के लिए पैसा नहीं मिला है, जिससे इन क्षेत्रों में विकास नहीं हो रहा। दूसरी ओर भारत से लगती सीमा पर चीन अंधाधुंध निर्माण कर रहा है। सीमा के साथ गांव बसाए जा रहे हैं। अगर सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों को बसाया जाना है तो इसके लिए विधायक व पंचायत प्रतिनिधि स्तर बात होनी चाहिए। केंद्र सरकार दिल्ली में बैठकर योजनाएं तैयार कर रही है।
विज्ञापन


सीएम लेंगे सीमेंट विवाद पर फैसला
नेगी ने कहा कि अदाणी और ट्रक ऑपरेटरों के बीच सीमेंट ढुलाई मालभाड़े की दरों को लेकर उपजा विवाद जल्द खत्म होगा। मुख्यमंत्री नई दिल्ली से लौटने के बाद इस पर उचित फैसला लेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें