फलदार पौधों में पुराने सूखे पत्तों से बगीचों में कीट और बीमारियां फैलने का खतरा बराबर बना रहता है। डॉ. एसपी भारद्वाज ने कहा कि बगीचों में तौलिए बनाकर पुराने पत्ते मिट्टी के नीचे दबाने से पौधों को बीमारियों और कीटों से
बचा सकते हैं।
बागवान बगीचों में तौलिए बनाते हुए सूखे पत्ते खुले में छोड़ेंगे तो कैंकर से सेब के पौधे तबाह हो सकते हैं। फलदार पौधों में पुराने सूखे पत्तों से बगीचों में कीट और बीमारियां फैलने का खतरा बराबर बना रहता है। थोड़ी सी लापरवाही फलदार पौधों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। बताते हैं कि इन दिनों बगीचों में तौलिए बनाने का सही समय है और बगीचों का प्रबंधन करने के साथ पौधों की रक्षा करने के लिए सतर्क रहना जरूरी है। विशेषज्ञों की सलाह पर बगीचों में तौलिए बनाते समय पेड़ों के सूखे पत्ते मिट्टी के नीचे दबाएं ताकि फलदार पेड़ों को कैंकर और अन्य घातक रोगों से बचाया जा सके।
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बागवानी विशेषज्ञ कहते हैं कि बगीचों में सूखे पत्ते जमा हैं तो तौलिए बनाते समय इनको मिट्टी के नीचे दबाना लाभकारी रहता है। इन पत्तों के गलने और सड़ने से पेड़ों को खाद भी मिलेगी। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो पुराने कीट फ रवरी और मार्च में फिर सक्रिय होकर पौधों पर रोग फैलाना शुरू कर देते हैं। डॉ. एसपी भारद्वाज ने कहा कि बगीचों में तौलिए बनाकर पुराने पत्ते मिट्टी के नीचे दबाने से पौधों को बीमारियों और कीटों से बचा सकते हैं। थोड़ी लापरवाही पौधों को तबाह भी कर सकती है।