सेब के बगीचे में छिड़काव करता बागवान
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हिमाचल के बागवानी विभाग ने केंद्र सरकार और प्रदेश बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय से प्रमाणित न हुई दवाओं की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। सरकार के नियमों और कायदे को धत्ता बताते हुए प्रदेश के बागवानों खासकर सेब उत्पादकों को घटिया दवाएं बेचने वाले दुकानदारों पर भी कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। बागवानी निदेशक एमएम शर्मा ने शनिवार को इस संबंध में राज्य के कीटनाशक निरीक्षकों और बागवानी दवा विक्रेताओं को पत्र जारी कर यह आदेश जारी किए हैं।
इस पत्र में कहा गया है कि बागवानी क्षेत्र में उपयोग करने के लिए जो दुकानदार केंद्र सरकार और नौणी विश्वविद्यालय से फल उत्पादन में उपयोगी प्रमाणित दवाएं नहीं बेच रहे हैं, उनके खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। पत्र में कहा गया है कि सेब के पौधों आकार नियंत्रण के लिए दो दवाएं बागवानों को दुकानदार बेच रहे हैं, इन्हें न तो केंद्र सरकार के कीटनाशक बोर्ड और न ही पंजीकरण कमेटी ने स्वीकृति दी है न ही इन दवाओं को बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी ने इस्तेमाल को स्वीकृति दी है। इसके बाद भी दवा विक्रेता इन दवाओं को बागवानों को बेच रहे थे। इस संबंध में बागवानों की शिकायत पर सरकार ने यह कड़ा कदम उठाया है।