आपदा के बाद से बंद पड़े कुल्लू के कई होम स्टे और रेस्ट हाउस के ताले भी खुल गए हैं। पर्यटन नगरी मनाली के साथ पार्वती घाटी, जिभी, सिस्सू, कोकसर, तीर्थन वैली में क्रिसमस के मौके पर रिकॉर्ड पर्यटक सैर सपाटे को पहुंचे। अभी तक आपदा के बाद घाटी में गिने चुने सैलानी ही पहुंच रहे थे। पर्यटन स्थलों पर रेंगते हजारों वाहनों से ही पर्यटन कारोबार में आए उछाल का अंदाजा लगाया जा सकता है।
22 दिसंबर से शुरू हुए वीकेंड से लेकर जिले में रौनक लौटी आई है। क्रिसमस को जहां उमड़ी सैलानियों की भीड़ के साथ नव नववर्ष के जश्न के लिए भी ऑनलाइन बुकिंग भी तेजी आई है। क्रिसमस के बहाने पर्यटक बर्फ देखने के लिए कई किमी तक पैदल चलना पड़ा। लाहौल में सिस्सू और कोकसर की सड़कों में जाम होने से पर्यटकों को 500 मीटर से एक किमी तक पैदल जाना पड़ा। पर्यटक जलोड़ी दर्रा में लगे जाम के चलते दो किलोमीटर पैदल चलकर बर्फ के दीदार किए।
पार्वती घाटी के तोष, बरशैणी, कटागला, कालगा, जरी, मणिकर्ण, कसोल, मलाणा, सोझा, जलोडी दर्रा, रघुपुरगढ़, जिभी, घियागी, बाहू, गुशैणी, ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क स्थित शाईरोपा, बठाहड़, मनाली, हामटा, अटल टनल के दोनों छोर पर्यटकों से गुलजार रहे। मणिकर्ण वैली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष किशन ठाकुर ने कहा कि लंबे अरसे बाद मणिकर्ण में रौनक देखने मिली है। कहा कि मणिकर्ण में 22 से 25 दिसंबर तक करीब 6,000 वाहनों की एंटी हुई है।
पर्यटकों की भारी भीड़ से फैल सकता है कोरोना
क्रिसमस और न्यू ईयर के जश्न ने स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। देश के कई राज्यों में कोरोना के नए वायरस जेेएन-1 वैरिएंट ने लोगों को अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। हिमाचल में बढ़ती भीड़ के चलते स्वास्थ्य विभाग ने भी अलर्ट जारी किया है। लोगों को भीड़भाड़ के इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।
हिमाचल के पर्यटन स्थलों में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, अमृतसर, पश्चिम बंगाल से सैलानी पहुंच रहे हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग को चिंता सताने लगी है कि इस बीच हिमाचल में नया वैरिएंट न पहुंच जाएं। फिलहाल एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में संदिग्ध मरीजों के आरटीपीसीआर टेस्ट करने शुरू कर दिए हैं।