प्रदेश सरकार ने ग्राम रोजगार सेवकों को अवकाश का तोहफा दिया है। अब उन्हें पंचायतों में कंप्यूटर ऑपरेटर, कनिष्ठ अभियंता और कनिष्ठ लेखापाल की तर्ज पर 12 आकस्मिक अवकाश और 2 दिन का वैकल्पिक अवकाश मिलेंगे।
ग्राम सेवक लगातार प्रदेश सरकार से यह मांग उठाता रहा है। वीरवार को पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने फाइल में हस्ताक्षर कर दिए हैं। इससे पहले ग्राम रोजगार सेवकों को यह अवकाश नहीं मिल रहे थे। हिमाचल में ग्राम रोजगार सेवकों की संख्या 1,081 है।
पहले प्रदेश सरकार ने इन्हें कमीशन आधार पर रखा था, इसके बाद इन सेवकों ने मामला प्रदेश सरकार के समक्ष उठाया। अब इन्हें पांच हजार रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है। हिमाचल में एक ग्राम रोजगार सेवक के पास 3-3 पंचायतों का जिम्मा है।
यह सेवक मनरेगा के तहत पंचायतों में होने वाले कार्यों पर निगरानी रखते हैं। पंचायतों में मनरेगा के तहत रास्तें, टैंकों नालियोंए डंगे, एंबुलेंस सड़क, चेकडैम सहित अन्य निर्माण कार्य किए जाते हैं। इसकी प्लानिंग ग्राम सेवक करता है।
भले ही पंचायतों में चेकडैम और टैंकों की ड्राइंग जूनियर इंजीनियर बनाता हो लेकिन मौके की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट ग्राम रोजगार सेवक देते हैं। ग्राम सेवक ही कार्यों के लेखा जोखे का विवरण रखता है।
हिमाचल के हजारों ग्राम रोजगार सेवकों को आकस्मिक और वैकल्पिक अवकाश देने का फैसला लिया है। अब जूनियर इंजीनियर, कंप्यूटर ऑपरेटर और कनिष्ठ लेखापाल की तरह ग्राम रोजगार सेवकों को भी अवकाश मिलेंगे।-अनिल शर्मा, पंचायतीराज मंत्री