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Shimla News: हो लाल मेरी पत रखियो बला...गाने से गूंजा गेयटी

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गीतांश उत्सव में जसविंदर कौर ने दी शानदार प्रस्तुति
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लोक नृत्य प्रतियोगिता में अनायशा ने पाया पहला स्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। गेयटी थियेटर में आयोजित 17वीं गीतांश उत्सव और अखिल भारतीय नृत्य-संगीत प्रतियोगिता के दूसरे दिन प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुतियां दीं।

पटियाला की जसविंदर कौर ने हो लाल मेरी पत रखियो बला... गाना गाकर दर्शकों से खूब वाहवाही बटोरी। दो दिन में हुई प्रतियोगिताओं के परिणाम भी घोषित किए गए जिसमें सोलन, पटियाला और भिलाई सहित कई स्थानों के प्रतिभागियों ने विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसमें अनायशा ने लोक नृत्य में, समरया नेगी और आयना ने फ्यूजन नृत्य में पहला स्थान प्राप्त किया। ऐरा गुप्ता और पारुशी ने शास्त्रीय नृत्य में पहला पुरस्कार जीता।
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विहान ने लोक नृत्य और वैदेही ने पंजाबी नृत्य में भी शीर्ष स्थान हासिल किया। प्ले ग्रुप से धानवी ने पंजाबी नृत्य में प्रथम पुरस्कार अपने नाम किया। पटियाला से गुरनूर ने पंजाबी लोक नृत्य में पहला, भिलाई से स्वरा ने कथक में, आरुषि ने फोक में और अब्रिन ने पंजाबी लोक नृत्य में पहला पहला स्थान हासिल किया। सोलन से अन्विका पाल ने सूफी नृत्य में दूसरा, पारुल ठाकुर ने फ्यूजन नृत्य में, जीवा ने सेमी-क्लासिकल में, एरिन ने नाटी नृत्य में, पटियाला से मेहख्व रहमत ने कथक में, भिलाई से स्वरा और अश्मिता ने सेमी-क्लासिकल नृत्य में दूसरा स्थान पुरस्कार प्राप्त किया।
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वहीं अंकित ने गजल गायन, जसविंदर कौर ने लोक गायन में पहला पुरस्कार जीता। इस अवसर पर राज्य कर एवं आबकारी विभाग की सहायक आयुक्त पूनम ठाकुर ने सभी प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम के संयोजक पीपी विश्वास ने कहा कि गीतांश उत्सव केवल प्रतियोगिता नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, कला और प्रतिभाओं को एक मंच पर जोड़ने का प्रयास है। गीता आर्ट्स एंड नृत्य एसोसिएशन भिलाई (छत्तीसगढ़) द्वारा आयोजित इस सांस्कृतिक महोत्सव में कला साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ (कवच) की विशेष सहभागिता भी उल्लेखनीय रही।
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