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Shimla News: वाहन चालकों की तेज रफ्तार और लापवाही राहगीरों पर पड़ रही भारी, सात माह में 24 हादसे

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साठ फीसदी मामलों में टक्कर मारकर मौके से भाग जाते हैं चालक, घायल होने वालों में बुजुर्ग और महिलाएं अधिक
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बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे अधिक हो रही हादसों का शिकार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। चालकों की तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने की वजह से शहर समेत जिले की सड़कें राहगीरों के लिए दिनप्रतिदिन असुरक्षित होती जा रही हैं। हैरानी इस बात की है कि 60 फीसदी से अधिक मामलों में टक्कर मारने के बाद वाहन चालक घायल को अस्पताल पहुंचाने की जगह मौके से भाग जाते हैं। इससे घायलों को समय पर उपचार मिलने में भी कई तरह की परेशानियां पेश आती हैं। इन हादसों में कई लोगों को ऐसी चोटें आई हैं जिसका दर्द उन्हें ताउम्र झेलना होगा।
राजधानी में लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव के कारण राहगीरों के लिए पैदल चलने की जगह लगातार सिकुड़ती जा रही है। हालत यह है कि भारी ट्रैफिक दबाव और बेतरतीब पार्किंग के कारण मजबूरी में लोग जान जोखिम में डालकर सड़कों पर आवाजाही कर रहे हैं। 21 जून को न्यू शिमला क्षेत्र में बीसीएस नाले के पास पैदल चल रही दो महिलाओं को पीछे से आ रहे एक वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। चालक मौके से भाग गया। इस हादसे में दोनों महिलाओं को चोटें आईं। इसको लेकर न्यू शिमला पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया।
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इनसेट
बाजूगंज थाना क्षेत्र में चार मामले हुए दर्ज
राजधानी की बात करें तो इस साल बालूगंज क्षेत्र में राहगीरों को टक्कर मारने के चार सबसे अधिक मामले दर्ज किए हैं। इसके अलावा छोटा शिमला क्षेत्र में तीन मामले और छोटा शिमला और न्यू शिमला में एक-एक मामला सामने आया है। शहरों के अलावा अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी वाहनों की बढ़ती संख्या, तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हिट एंड रन के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिले में पिछले सात महीनों में 24 मामले दर्ज किए गए हैं। इसमें खास बात यह है कि इस तरह के ज्यादातर मामलों में पीड़ित और चालक के बीच उपचार का खर्च उठाने पर समझौता हो जाता है। ऐसे में यह मामले थानों में दर्ज नहीं होते हैं। अगर इन मामलों को भी जोड़ा जाए तो जिले में राहगीरों को टक्कर मारने के कहीं अधिक मामले सामने आए हैं। हालांकि पुलिस के रिकॉर्ड में इसको लेकर पुलिस डायरी के अलावा और कोई उल्लेख नहीं है। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सड़कों पर चलने और गुजरने के दौरान सबसे अधिक हादसे का शिकार होते हैं।
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कोट्स
शिमला पुलिस राहगीरों को टक्कर मारने के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच करती है। इसके अलावा लोगों की सुरक्षा के लिए सड़कों पर यातायात नियमों का पालन करवाने के लिए नियमित रूप से कार्रवाई की जाती है।
-गौरव सिंह, एसएसपी शिमला
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