हिमाचल प्रदेश में ग्राउंड मांउटेड सोलर पावर प्लांट लगाकर बेरोजगारों के लिए स्वरोजगार की राह आसान होने जा रही है। हिमाचली मूल के लोगों को 250 किलोवाट से एक मेगावाट तक के प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए हिम ऊर्जा ने ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। दस से 27 जनवरी तक इच्छुक लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पहले आओ पहले पाओ के आधार पर प्रोजेक्टों का आवंटन होगा।
वर्ष 2018-19 और 2019-20 में प्लांट लगाने वाले इस योजना में शामिल होने के लिए पात्र नहीं होंगे। ग्रिड से कनेक्टिड होने वाले इन प्लांट से राज्य बिजली बोर्ड सोलर पावर खरीदेगा। हिमाचल प्रदेश में 20 मेगावाट सौर ऊर्जा के दोहन के लिए हिम ऊर्जा नई योजना लाया है। योजना में कम से कम 250 किलोवाट और अधिकतम एक मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित की जाएगी। इससे जहां रोजगार के अवसर सृजित होंगे वहीं बंजर पड़ी निजी भूमि को भी उपयोग में लाया जा सकेगा। इन परियोजनाओं की स्थापना निजी भूमि पर की जाएगी।
बिजली बोर्ड के सबस्टेशन या वहां से गुजर रही 11 केवी/22 केवी लाइन के समीप वाली भूमि पर लगने वाले प्रोजेक्ट को ग्रिड से कनेक्ट करने में कम खर्च आएगा। यदि उपलब्ध निजी भूमि सब स्टेशन से दूर हो तो इस स्थिति में लाइन बिछाने का खर्च और विद्युत हानि आवेदक को वहन करनी होगी। स्थायी हिमाचली निवासी व्यक्तिगत तौर पर आवेदन के लिए पात्र हैं। पार्टनरशिप फर्म तथा प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां भी आवेदन कर सकती हैं, बशर्ते इनमें स्थायी हिमाचलियों का शेयर 100 प्रतिशत हो। आवेदक को आवेदन पत्र के साथ दस हजार रुपये आवेदन शुल्क हिम ऊर्जा के खाते में जमा करना होगा।
आवेदन प्रपत्र के साथ आवेदक को निजी भूमि की उपलब्धता, धन की उपलब्धता, स्थायी हिमाचली प्रमाण पत्र और सब स्टेशन/11 केवी/22 केवी विद्युत लाइन की उपलब्धता बारे उस क्षेत्र के सहायक अभियंता का प्रमाण पत्र और दस्तावेज आवेदन के साथ प्रस्तुत करने होंगे। निजी भूमि उपलब्ध न होने की स्थिति में किसी और व्यक्तियों की निजी भूमि पट्टे पर क्रय की जा सकती है। इसके लिए उस भूमि मालिकों की सहमति आवेदन के साथ उपलब्ध करवानी होगी।
ऐसे करना होगा आवेदन
परियोजना की स्थापना के लिए धन की उपलब्धता के बारे में किसी निजी व्यक्ति, संस्थान या बैंक से धन प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए संबंधित व्यक्ति, संस्थान या बैंक की सहमति प्रमाण पत्र आवेदन के साथ संलग्न करना होगा। राज्य विद्युत बोर्ड सीमित इन परियोजनाओं से उत्पादित ऊर्जा को राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से आवंटन की तिथि के समय निर्धारित क्रय दर पर अनिवार्य तौर पर क्रय करेगी। प्रति मेगावाट स्थापना लागत करीब चार करोड़ रुपये आएगी। इसके अनुपात में आवेदन की गई क्षमता की लागत निर्धारित करनी होगी। आवेदक को निर्धारित लागत का 75 प्रतिशत राशि दर्शानी होगी। एक आवेदक को केवल एक परियोजना आवंटित की जाएगी।