महिला के बेजान बाजू में चिकित्सकों ने जान डाल दी। हिमाचल प्रदेश के डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज और अस्पताल हमीरपुर में 17 सालों से लटके हुए निष्क्रिय बाजू को कटवाने के लिए महिला पहुंची तो चिकित्सकों ने यह कारनामा कर दिखाया।
17 साल से महिला के बेजान बाजू में चिकित्सकों ने जान डाल दी। हिमाचल प्रदेश के डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज और अस्पताल हमीरपुर में 17 सालों से लटके हुए निष्क्रिय बाजू को कटवाने के लिए महिला पहुंची तो चिकित्सकों ने यह कारनामा कर दिखाया। ऑपरेशन के बाद महिला के बाजू ने काम करना शुरू कर दिया है। मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग के एचओडी डॉ. संजय की अगुवाई में चिकित्सकों और अन्य स्टाफ की टीम ने महिला का ऑपरेशन कर बाजू को ठीक किया है। निष्क्रिय बाजू के शरीर के साथ लटके होने के कारण महिला काफी परेशान थी। सत्रह सालों से यह बाजू बोझ था। अवाहदेवी के भुआणा गांव की ब्रह्मी देवी करीब तीन माह पहले मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के हड्डी रोग विभाग में पहुंची और बाजू से तंग आकर इसे कटवाने की बात चिकित्सकों से की। डॉ. संजय ठाकुर ने 65 वर्षीय महिला के बाजू की पूरी जांच की और ऑपरेशन का मन बनाया।
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हालांकि सत्रह साल पहले भी महिला का ऑपरेशन हुआ था, लेकिन वह सही नहीं बैठा और बाजू निष्क्रिय होकर लटक गया। इसके बाद महिला ने कई अस्पतालों में बाजू दिखाया, लेकिन बाजू सही नहीं हुआ। अंत में जब बाजू कटवाने के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर पहुंची तो चिकित्सकों ने उसके बाजू को ठीक कर उसे और उसके परिवार को खुशियां दी। ऑपरेशन के बाद महिला के बाजू की समय समय पर जांच की गई और इसकी पूरी निगरानी रखी गई। ऑपरेशन में हड्डी रोग विभाग से एसओडी डॉ. संजय ठाकुर, डॉ. गौरी, डॉ. तरूण और एनेस्थीसिया से डॉ. मंजीत और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहा। हड्डी रोग विभाग के एचओडी डॉ. संजय ठाकुर ने कहा कि सत्रह सालों से लटके बाजू को कटवाने के इरादे से महिला अस्पताल आई थी। बाजू का सफल ऑपरेशन करने के बाद उसे सही किया गया है। महिला का बाजू अब काम कर रहा है।