हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना के नाम पर गड़बड़झाला करने वाले कई निजी अस्पतालों पर कार्रवाई होगी। प्रदेश सरकार इन अस्पतालों का रिकॉर्ड खंगालने में जुटी है। निजी अस्पतालों में इस योजना में सीधे हिमकेयर कार्ड बना दिए जाते थे, उसके बाद बिल दे दिया जाता था। वेरिफिकेशन नहीं की जाती थी। हजारों के ऑपरेशन के बिल लाखों में बना दिए गए है। हिमाचल में 15 से 20 ऐसे निजी अस्पताल है जो प्रदेश सरकार की रडार पर है। प्रदेश सरकार की ओर से अस्पतालों का रिकॉर्ड मांगा जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पहले ही कह चुके हैं कि कई निजी अस्पतालों में हिमकेयर योजना में 25 हजार में होने वाले हर्निया के ऑपरेशन का बिल एक लाख रुपये तक बनाया है। पूर्व में बिना सोचे-समझे इस योजना को शुरू कर दिया, उसी दौरान हिमाचल में कई निजी अस्पताल खोल दिए गए। लगातार शिकायतें मिलने और जांच पड़ताल के बाद इन निजी निजी अस्पतालों की इंपेनलमेंट खत्म की है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल सरकार ने हिमकेयर योजना को लेकर कैबिनेट सब कमेटी गठित की है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कमेटी काम कर रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जांच करने के बाद रिपोर्ट कमेटी को सौंपेंगे। इसके बाद यह मामला कैबिनेट सब कमेटी में जाएगा।