हिमाचल में जनवरी से फिर हिम केयर स्वास्थ्य कार्ड बनने शुरू होंगे। जिन लोगों ने पहले कार्ड बना रखे हैं, वह रिन्यू होंगे। अन्य लोग औपचारिकताएं पूरी करके अस्पतालों या चयनित स्वास्थ्य केंद्रों में कार्ड बना सकेंगे। स्वास्थ्य कार्ड में पांच लाख रुपये तक निशुल्क उपचार की सुविधा है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि हिमकेयर योजना के तहत हिमाचल में 53 हजार लोगों का निशुल्क उपचार किया गया। इसमें 51 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई।
इसी तरह केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश में 44 हजार लोगों का निशुल्क उपचार किया गया। इसमें 41 करोड़ खर्च किए गए। मुख्यमंत्री चिकित्सा कोष से 428 गंभीर रोगियों के उपचार के लिए 4.5 करोड़ की राशि जारी की गई। सहारा योजना के तहत भी 6000 लोगों को 0.70 करोड़ की राशि दी गई। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने कहा कि हिमाचल में वर्ष 2020 में लोगों के फिर स्वास्थ्य कार्ड बनेंगे।
इसमें उन लोगों को फायदा मिल सकेगा, जो पूर्व में अपना कार्ड नहीं बना सके। यह कार्ड जनवरी से 31 मार्च तक बनाए जाएंगे। आयुष्मान, हिमकेयर में हजारों लोगों को निशुल्क उपचार किया गया है। अगले साल लोगों को स्वास्थ्य पर 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल के अस्पतालों में 56 टेस्ट निशुल्क किए जाने हैं। कुल्लू में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर टेस्ट निशुल्क करने शुरू कर दिए हैं।
सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को हिमकेयर योजना का लाभ प्राप्त हो। इसके चलते जनवरी से फिर नए कार्ड बनाने का फैसला लिया है। अस्पतालों में टेस्ट फ्री किए जा रहे हैं। गर्भवती महिलाओं को घर से अस्पताल तक निशुल्क लाने और छोड़ने की व्यवस्था की जा रही है।
- विपिन सिंह परमार, स्वास्थ्य मंत्री