प्रदेश में स्थापित विभिन्न पावर प्रोजेक्टों से सरकार को मिलने वाली निशुल्क बिजली इस साल 2.56 रुपये प्रति यूनिट की दर से विद्युत बोर्ड को बेची जाएगी। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने 2019-20 के लिए सरकार की ओर से बेची जाने वाली बिजली की दरें तय कर दी हैं।
साल 2018 के मुकाबले बिजली का दाम आठ पैसे प्रति यूनिट बढ़ाया है। सरकार को इस साल पावर प्रोजेक्टों से 577 मिलियन यूनिट बिजली निशुल्क मिलेगी। इसे बेचकर सरकार को 147 करोड़ की आय होने की संभावना है।
हिमाचल सरकार की पावर प्रोजेक्टों में हिस्सेदारी होने के नाते यह बिजली निशुल्क मिलती है। सरकार को प्रदेश में बिजली उत्पादन कर रहे 60 छोटे-बड़े प्रोजेक्टों से रॉयल्टी के तौर पर निशुल्क बिजली मिलती है। 2019-20 के दौरान बस्पा दो से सबसे अधिक 151.38 मिलियन यूनिट बिजली सरकार को निशुल्क मिलेगी। रणजीत सागर डैम से 59.74, मलाणा से 62.13, लारजी से 71.01, काशंग से 20.35, नाथपा झाकड़ी से 33.85 और कोलडैम से 13.88 मिलियन यूनिट सरकार को मिलेगी।
सभी पावर प्रोजेक्टों से कुल 577.45 मिलियन यूनिट बिजली सरकार को निशुल्क मिलेगी। 31 मार्च, 2020 तक सरकार को मिलने वाली इस निशुल्क बिजली को बिजली बोर्ड को 2.56 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बेचा जाएगा। साल 2018 में नियामक आयोग ने प्रति यूनिट बिजली का दाम 2.48 रुपये तय किया था।