इंडियन एयरलाइंस में पहली हिमाचली पायलट अपराजिता और इंडिगो एयरलाइंस में पायलट रवीना ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल के लाहौल स्पीति की बेटियां देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। घाटी की बेटियां पायलट बनकर हवाई जहाज उड़ा रही हैं। कुछ डॉक्टर, इंजीनियर तो कुछ आईपीएस बनकर प्रदेश की सेवा में जुटी हैं।
स्पीति की डिक्की डोलमा को कौन नहीं जानता। डिक्की डोलमा ने सबसे कम (16 साल) उम्र में एवरेस्ट फतह करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया था। ठोलंग गांव की किसान की बेटी अपराजिता लाल 20 साल की उम्र में इंडियन एयरलाइंस में पहली हिमाचली पायलट बनी।
मूलिंग गांव की निर्मला भानु कराटे के क्षेत्र में पहली भारतीय महिला हैं, जिन्होंने फिल्मी हस्तियों के साथ भारतीय सेना को भी कराटे का प्रशिक्षण दिया। वे आज सुरक्षा से जुड़े अहम पद पर नियुक्त हैं। तांदी पंचायत के ठोलंग गांव की कई बेटियां एमबीबीएस कर चुकी हैं। जैमूर गांव की रवीना ठाकुर इंडिगो एयरलाइंस में पायलट हैं।