हिमाचली धाम में ग्राहकों को परंपरागत कांगड़ी, मंडियाली, चंबियाली, बिलासपुरी धाम में मदरा, बदाणा, माहणी, कद्दू का मीठा, कढ़ी, सेपू बड़ी जैसे लजीज व्यंजन परोसे जाएंगे।
बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानी और स्थानीय लोग अब पर्यटन विकास निगम के होटलों, कैफे और रेस्टोरेंट में हिमाचली धाम का जायका ले सकेंगे। इसी माह यह सुविधा शुरू करने की तैयारी है। खास बात यह है कि हिमाचली धाम परंपरागत कांसे की थालियों में परोसी जाएगी। यमुनानगर जगाधरी से थालियां और कटोरियां मंगवाई गई है। कोविड-19 लॉकडाउन से हुए नुकसान से पार पाने की कवायद के तहत पर्यटन निगम यह सेवा शुरू करने जा रहा है।
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हिमाचल प्रदेश में पर्यटन विकास निगम के 53 होटलों और 17 कैफे में यह सुविधा शुरू होगी। हिमाचली धाम में ग्राहकों को परंपरागत कांगड़ी, मंडियाली, चंबियाली, बिलासपुरी धाम में मदरा, बदाणा, माहणी, कद्दू का मीठा, कढ़ी, सेपू बड़ी जैसे लजीज व्यंजन परोसे जाएंगे। हिमाचली धाम के लिए ग्राहकों को महज 180 रुपये चुकाने होंगे।
80 रुपये में घी के साथ पहाड़ी सिड्डू
पर्यटन निगम पर्यटकों और स्थानीय लोगों को घी के साथ पहाड़ी सिड्डू भी परोसेगा। मीठे और नमकीन सिड्डू महज 80 से 90 रुपये में उपलब्ध होंगे। ग्राहकों की डिमांड पर तिल, उड़द की दाल, बाथू, अफीम दाना से सिड्डू तैयार किए जाएंगे। लोग सिड्डू पैक करवाकर घर भी ले जा सकेंगे।
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पर्यटन निगम को घाटे से उबारने की कोशिश : कश्यप
पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक अमित कश्यप ने बताया कि कोरोना के कारण पर्यटन कारोबार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। एचपीटीडीसी के होटलों और कैफे को नुकसान से उबारने के लिए हिमाचली थाली और पहाड़ी सिड्डू की टेक अवे सर्विस इसी माह शुरू करने की तैयारी है।