आचार्य देवव्रत(फाइल फोटो)
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प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में पहाड़ी गाय का होना अनिवार्य है, तभी जाकर प्राकृतिक खेती को किसान आसानी से अपना सकते हैं।
प्रदेश में अंधाधुंध कीटनाशकों, फफूंदनाशकों और रासायनिक खाद के प्रयोग के भावी खतरों को लेकर चेताते रहे
शिमला के पीटरहॉफ में प्राकृतिक खेती पर किसानों और बागवानों को जागरूक करने के लिए कार्यशाला की
हिमाचल के आईएएस अफसरों, कृषि अधिकारियों और पत्रकारों को ले जाकर प्राकृतिक खेती के फायदे मौके पर बताए
प्राकृतिक खेती को लेकर रोहड़ू क्षेत्र के बागवानों के लिए 20 जुलाई को एक कार्यशाला भी आयोजित की जा रही है। इसमें नामी कंपनी के प्रतिनिधियों के अलावा राज्यपाल आचार्य देवव्रत हिस्सा लेंगे
जब राज्यपाल ने प्रशासन और पुलिस को लताड़ा
राज्यपाल आचार्य देवव्रत करीब दो वर्ष पहले जनजातीय क्षेत्र किन्नौर और लाहौल स्पीति के दौरे पर शिमला से हेलीकॉप्टर पर रवाना हुए थे। मौसम खराब होने की सूचना मिलते ही राज्यपाल को रामपुर के शिंगला हेलीपैड में उतरना पड़ा था। राज्यपाल को जब सूचना मिली तो रामपुर के समीप सतलुज के पार कुल्लू जिला के ब्रौ क्षेत्र में अचानक पहुंच गए। क्षेत्र में नशाखोरी और जुआ खेलने की शिकायतों पर गौर करते हुए उन्होंने क्षेत्र का दौरा किया। साथ ही प्रशासन और पुलिस से कहा कि इस क्षेत्र में नशाखोरी और जुआ खेलने पर नकेल कसी जाए।