नई शिक्षा नीति हालांकि, भाषा और गणित विषय पर विशेष ध्यान देने का प्रस्ताव है। इसमें प्राथमिक स्तर की शिक्षा स्थानीय भाषा में भी करवाने का प्रावधान है, लेकिन हिमाचल प्रदेश त्रिस्तरीय भाषा आधारित शिक्षा करवाएगा। इसमें हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत को शामिल किया जाएगा।
यस, नो, यो-यो पक्की नींव नहीं: सुनील
स्टेट हायर एजूकेशन काउंसिल के चेयरमैन सुनील कुमार गुप्ता ने कहा कि यस, नो, यो-यो शिक्षा की पक्की नींव नहीं है। यदि कोई अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान रखता है तो इसका मतलब यह नहीं कि वह पढ़ाई में अच्छा है। नई शिक्षा नीति में बच्चों की पढ़ाई की नींव पक्की करने के लिए गणित और भाषा पर फोकस किया गया है।
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यूजीसी की महाविद्यालयों की ग्रेडिंग की तरह ही शिक्षा आयोग स्कूलों की ग्रेडिंग करेगा। निजी और सरकारी स्कूलों की ग्रेडिंग होने से इसमें पढ़ाई की गुणवत्ता और इसके फीस स्ट्रक्चर को लागू करने में सहायता मिलेगा। अभी तक सरकारी और निजी स्कूलों में ग्रेडिंग का कोई भी सिस्टम नहीं है। इसके अलावा अध्यापकों को 50 घंटे की ट्रेनिंग का भी प्रावधान है, जिससे वह पारंपरिक तरीकों को छोड़कर आधुनिक तरीके से शैक्षणिक कार्य करने में सफल होंगे।
राज्य में शुरू होगा मुख्यमंत्री हरित क्रांति अभियान
स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने कहा कि अगले माह से राज्य के स्कूलों में मुख्यमंत्री हरित क्रांति अभियान शुरू होगा। इसके तहत स्कूली बच्चों को पर्यावरण बचाने की शिक्षा दी जाएगी। साथ ही प्रायोगिक तरीके से भी उन्हें टिप्स दिए जाएंगे। इसका समापन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर करेंगे।