महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि इससे पूर्व जून माह में मंत्री स्तर की बैठक में उन्होंने हिमालयी राज्यों से इन सभी महत्त्वपूर्ण मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से केंद्र सरकार के साथ उठाया था तथा इन मुद्दों पर जल शक्ति केंद्रीय जल संसाधन मंत्री और संबंधित सचिवों से विस्तृत चर्चा की थी, जिसके परिणाम स्वरूप हिमाचल प्रदेश से संबंधित सभी पहलुओं को इन योजनाओं में सम्मलित किया गया है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 57 प्रतिशत बस्तियों को जलापूर्ति प्रदान की जा चुकी है लेकिन पुरानी योजनाओं में हर घर को पेयजल उपलब्ध करवाने का कोई प्रावधान नहीं था। हर घर को जल उपलब्ध करवाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य ने अतिरिक्त धनराशि की मांग की थी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने योजना के तहत हर घर को पेयजल उपलब्ध करवाने में सराहनीय कार्य करने वाले राज्यों को प्रोत्साहन देने का भी निर्णय लिया है।
योजना के तहत पहाड़ी राज्यों के लिए 28 से 30 हजार रुपये प्रति व्यक्ति और अन्य राज्यों के लिए 15 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि इस संबंध में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बना ली है और वित्तीय संस्थाओं को वित्तपोषण के लिए प्रेषित कर दिया गया है। इस योजना की डीपीआर भी भारत सरकार को स्वीकृति के लिए शीघ्र भेजी जाएगी।