शिमला में दिन भर बारिश का दौर जारी रहा। मैहली के समीप भूस्खलन से मलबा मकान में घुस गया। कसुम्पटी में बुधवार रात तीन सूखे पेड़ गिर गए। एक घर को नुकसान पहुंचा है। पेड़ बिजली के पोल पर गिरा, जिससे तार टूट गए।
गुस्साए लोगों ने रास्ता रोककर प्रदर्शन किया। कुल्लू की सैंज घाटी को जोड़ने सड़क के बीच पागलनाले में बाढ़ का मलबा सड़क पर आ गया। इससे दो घंटे वाहनों की आवाजाही बंद रही। जिले में दो दर्जन सड़कें प्रभावित रहीं।
भुंतर से हवाई उड़ान भी नहीं हुईं। मंडी के करसोग-मंडी-जयदेवी मार्ग भूस्खलन से बाधित चल रहा है। मंडी से बड़ा भंगाल और चौहारघाटी को जोड़ने वाली घटासनी बरोट सड़क बंद है। कोल डैम में पानी खतरे के निशान से ऊपर जाने पर फ्लड गेट खोल दिए हैं।
बिलासपुर सदर की पट्टा मोरसिंघी सड़क बंद हो गई है। श्री नयना देवी के घवांडल चौक पर भी मलबा गिरने से सड़क बंद है। हमीरपुर के रंगस में सड़क पर पेड़ की बड़ी टहनी गिरने से धर्मशाला-शिमला एनएच पर यातायात प्रभावित रहा।
हिमाचल में तीन और चार अगस्त को भारी बारिश होने की चेतावनी जारी हुई है। सात अगस्त तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब बना रहने की संभावना है। गुरुवार को सूबे के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की कमी दर्ज हुई। इससे ठंड में भी इजाफा हुआ है।
गुरुवार को नाहन में अधिकतम तापमान 29.6, सोलन-बिलासपुर-चंबा में 27.0, धर्मशाला में 26.4, हमीरपुर में 26.0, ऊना में 25.8, भुंतर में 25.0, सुंदरनगर में 24.0, कल्पा में 21.3, शिमला में 20.4 और डलहौजी में 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।