हिमाचल प्रदेश में 13 से 15 मार्च तक अंधड़ चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के कई क्षेत्रों में सोमवार को बारिश और बर्फबारी के आसार भी हैं। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम में बदलाव आने का पूर्वानुमान जताया गया है।
16 मार्च से प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम खराब बना रहने की संभावना है। रविवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। धूप खिली रहने से ऊना में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है।
12 से 15 मार्च तक किन्नौर में बर्फबारी और बारिश की चेतावनी
जिला किन्नौर में 12 से 15 मार्च तक बर्फबारी और बारिश की चेतावनी दी गई है। इसको देखते हुए उपायुक्त किन्नौर तोरुल एस रवीश ने बताया कि लोगों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाने की हिदायत दी है। उपायुक्त किन्नौर ने कहा कि चेतावनी के बाद भी कई लोग पहाड़ी क्षेत्रों में चले जाते हैं, जिससे वह स्वयं की जान जोखिम में डाल देते हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार इस समय अवधि में जिले में भारी बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इसको मद्देनजर रखते हुए सभी नागरिक एवं पर्यटक अधिक ऊंचाई वाले इलाको में ट्रैकिंग न करें। साथ ही अपने घरों में सुरक्षित स्थानों पर रहें।
उन्होंने सभी ग्राम पंचायत प्रधानों, गैर सरकारी संगठनों, ट्रैकर्स और नागरिकों से आग्रह किया है कि इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा या घटना की स्थिति में लोग जिला आपदा प्रबंधन परिचालन केंद्र के दूरभाष नंबर 8580819827, 9459457587, 01786-223155,51,52,53, 54 एवं टोल फ्री नंबर 1077 पर सूचित कर सकते हैं।
धुंधी में हिमस्खलन, एक घंटे रुके रहे वाहनों के पहिये
मनाली-केलांग नेशनल हाईवे पर रविवार दोपहर अटल टनल से पहले स्नो गैलरी धुंधी में दो बार हिमस्खलन हुआ। इस वजह से करीब एक घंटे तक यहां वाहन फंस गए। अटल टनल पार कर सिस्सू जा रहे और सिस्सू से लौट रहे सैकड़ों पर्यटक वाहन फंस गए। सीमा सड़क संगठन ने हिमस्खलन के कारण सड़क पर आई बर्फ को हटाकर यातायात बहाल किया। इसमें लगभग एक घंटे का वक्त लगा।
मौसम साफ होने के बाद ऊंची पहाड़ियों से हिमस्खलन का भय रहता है। अटल अनल रोहतांग से पहले धुंधी के समीप बनाई गई स्नो गैलरी के आसपास का इलाका हिमस्खलन के लिहाज से अति संवेदनशील है। इस सीजन में स्नो गैलरी के आसपास चार बार हिमस्खलन हो चुका है। रविवार को यहां एक ही स्थान पर दो बार हिमस्खलन हुआ।
गनीमत यह रही कि हिमस्खलन गिरने के दौरान वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, अन्यथा बड़ी दुर्घटना भी हो सकती थी। दोपहर तीन बजे के बाद हिमस्खलन गिरने के कारण मनाली-लेह मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रुक गई। कुछ देर बाद बर्फ हटाने के बाद बीआरओ ने यह मार्ग यातायात के लिए बहाल कर दिया लेकिन करीब चार बजे उसी स्थान पर पुन: हिमस्खलन हुआ।
इसके बाद फिर कुछ देर के लिए वाहन फंसे रहे। सीमा सड़क संगठन ने बर्फ हटाने के बाद इस मार्ग पर यातायात के लिए बहाल किया। प्रशासन ने इस मार्ग पर सावधानीपूर्वक यात्रा करने की अपील की है। डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि यातायात बहाल हो गया है। उन्होंने यात्रियों और पर्यटकों से अपील की है कि इस मार्ग पर सावधानी पूर्वक यात्रा करें।