उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग मंडल रामपुर बुशहर में अभी तक भी 60 ग्रामीण सड़कें बंद पड़ी हैं। इन सड़कों पर यातायात शुरू नहीं होने के चलते लोगों की परेशानी बढ़ी है। वहीं, मौसम विभाग की अगले से दो से तीन दिनों तक भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए स्कूलों को 28 जुलाई तक बंद रखने का फैसला लिया गया है जाकि विद्यार्थियों को किसी तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े। वहीं, सीबीएससी व आईसीएससी से संबद्ध स्कूल विद्यार्थियों व स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने स्तर पर फैसला ले सकते हैं।
इन जिलों में बाढ़ का अलर्ट
भारी बारिश की स्थिति में चंबा, कांगड़ा, सिरमौर, शिमला, बिलासपुर, हमीरपुर, कुल्लू, मंडी व किन्नौर जिले में अगले 24 घंटों के लिए अचानक बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है।
कुल्लू में बादल फटने से भारी नुकसान
उधर, येलो अलर्ट के बीच कुल्लू जिले की गड़सा घाटी में मंगलवार अल सुबह करीब 4:00 बजे बादल फटने से भारी तबाही हुई है। बादल फटने से पंचानाला और हुरला नाला में बाढ़ आ गई। इससे पांच मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि 15 को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा हैं। तीन पुल भी बाढ़ में बह गए हैं। इसके साथ ही भुंतर-गड़सा मनियार सड़क मार्ग भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुई है। सरकारी व निजी भूमि को नुकसान के साथ ही कुछ मवेशी भी बह गए हैं।
मलाणा-दो प्रोजेक्ट के ओवरफ्लो हुए डैम में स्थिति सामान्य
मलाणा पावर प्रोजेक्ट-दो के ओवरफ्लो हुए डैम में स्थिति अब सामान्य बनी हुई है। स्थिति को देखते हुए मलाणा पावर पोजेक्ट-एक डैम के गेट खोल दिए गए हैं। अगर मलाणा पावर प्रोजेक्ट-दो का पानी आता भी है तो इससे नुकसान का खतरा कम होगा। हालांकि प्रशासन की मानें तो अब स्थिति नियंत्रण में है। वहीं दूसरी ओर डैम के बंद हुए गेट को खोलने का प्रयास किया जा रहा है। गौर रहे कि 24 जुलाई को मलाणा-दो प्रोजेक्ट का डैम ओवरफ्लो होने के बाद हड़कंप मच गया था। प्रशासन ने लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को पार्वती नदी से दूर रहने को कहा था। पार्वती नदी किनारे बसे गांव जिया व हाथीथान के लोग सहम गए थे। डैम में सिल्ट व तकनीकी कारणों के चलते इसके गेट नहीं खुल रहे हैं। इस संबंध में एसडीएम सदर विकास शुक्ला ने कहा कि फिलहाल स्थिति सामान्य है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।