भारी बरसात का असर पंजाब की हिमाचल के जोगिंद्रनगर स्थित शानन और बस्सी विद्युत परियोजनाओं पर भी पड़ा है। भारी गाद आने से रविवार को 110 मेगावाट की शानन परियोजना में करीब 20 घंटे और 66 मेगावाट की बस्सी परियोजना में 17 घंटे तक विद्युत उत्पादन ठप रहा। दोनों परियोजना प्रबंधन को करीब डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ है। अब उत्पादन सुचारु कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि बरोट स्थित परियोजना की रेजर वायर में गाद भरने से दोनों परियोजनाओं में विद्युत उत्पादन रोकना पड़ा। 11.2 मिलियन क्यूसिक क्षमता वाली शानन परियोजना की रेजर वायर में करीब 40 हजार क्यूसिक मीटर अतिरिक्त पानी भरने से शानन परियोजना प्रबंधन को सभी आठ गेट खोलने पड़े।
रेजर वायर के इनटैक गेट को समय रहते बंद करने से दोनों परियोजनाओं की मशीनरी को नुकसान नहीं पहुंचा है। विद्युत उत्पादन ठप होने से शानन परियोजना को करीब एक करोड़ और बस्सी परियोजना को 50 लाख का नुकसान हुआ है। रविवार सुबह करीब 9:00 बजे बरोट स्थित रेजरवायर में गाद भरने से दोपहर 12:00 बजे शानन में विद्युत उत्पादन रोकना पड़ा। करीब 20 घंटे बाद सोमवार सुबह 8:00 बजे शानन परियोजना में विद्युत उत्पादन शुरू हुआ। बस्सी परियोजना में रविवार दोपहर 3: 25 मिनट पर अचानक विद्युत उत्पादन ठप हो गया। इसे सोमवार सुबह 8: 40 मिनट पर दोबारा शुरू किया गया।
पंजाब की शानन विद्युत परियोजना की बरोट स्थित रेजर वायर में गाद भरने से विद्युत उत्पादन रोकना पड़ा। अनुमानित एक करोड़ का नुकसान शानन परियोजना को पहुंचा है। समय पर रेजरवायर के इनटैक गेट बंद कर देने से पावर हाउस की मशीनरी को कोई भी नुकसान नहीं हुआ है।
- नरेंद्र सिंह, आरई, शानन परियोजना
हिमाचल की 66 मेगावाट बस्सी परियोजना में 17 घंटे विद्युत उत्पादन बंद होने से करीब 50 लाख रुपये का नुकसान परियोजना प्रबंधन को उठाना पड़ा है। शानन परियोजना में अचानक विद्युत उत्पादन बंद होने से बस्सी परियोजना भी प्रभावित हुई।
- अरुण धीमान, आरई बस्सी परियोजना