एनएच पर रेंगते रहे वाहन
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कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 मनसार और जाबली के समीप बारिश में पहाड़ी दरक गई। पहाड़ी से भारी मात्रा में पत्थर और मलबा आने से वाहनों की आवाजाही वनवे हो गई। पहाड़ी से लगातार मलबा आने से बीच-बीच में ट्रैफिक रोकना भी पड़ा है। इसके चलते वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरलेन की टीम मौके पर पहुंची। पहाड़ी से भूस्खलन के कारण देर रात तक रेंग-रेंग कर वाहनों की आवाजाही हुई। शुक्रवार को शाम करीब पांच बजे मूसलाधार बारिश क्षेत्र में होनी शुरू हुई। इसके बाद सलोगड़ा में सड़क पर पड़ा मलबा हाईवे के नीचे बजे आधा दर्जन घरों की ओर चला गया। भारी मात्रा में मलबा आने के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई। वहीं सड़क पर दलदल बनने से एक ऑटो भी पलट गया। इस ऑटो में कोई व्यक्ति सवार नहीं था। वहीं दत्यार, चक्कीमोड, रेलओवर ब्रिज, सनवारा, धर्मपुर और बड़ोग बाईपास में भी पहाड़ी से पत्थर गिरे हैं। देर शाम करीब 7:45 पर सोलन से आठ किलोमीटर दूर मनसार में पहाड़ी से मलबा गिरा।
सलोगड़ा में छह घरों में घुसा फोरलेन का मलबा, परवाणू से सोलन तक गिरे पत्थर
सलोगड़ा में छह घरों की ओर फोरलेन का मलबा चला गया। परवाणू से सोलन से बीच भी कई जगह पहाड़ी से पत्थर गिरे। गनीमत यह रही कि पहाड़ी से पत्थर गिरने के समय कोई भी वाहन सड़क पर नहीं गुजर रहा था। मूसलाधार बारिश में वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई है। नेशनल हाईवे पर बारिश में फोरलेन निर्माता कंपनी की टीम सड़क को सुचारु करने में जुटी रही। भारी बारिश में कई जगहों पर पत्थर साफ करने के बाद भी गिरते रहे। हाईवे पर पत्थरों के गिरने के बाद जिला सोलन पुलिस ने भी लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना दी। साथ ही वाहन चालकों से सुरक्षित ड्राइव करने का आग्रह किया। प्रोजेक्ट मैनेजर ई. बलविंद्र सिंह ने बताया कि बारिश में परवाणू से सोलन के बीच कई जगहों पर गिरे थे। टीम ने बारिश में सड़क से पत्थर हटाने का कार्य किया है। टीम को अलर्ट किया गया है। वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक वर्मा ने बताया कि मनसार के समीप देर शाम मलबा और पत्थर गिरने की सूचना मिली जिसके बाद टीम मौके पर गई। लोगों को सूचना देने के लिए सोशल मीडिया पर पत्थर और मलबा गिरने के बारे में बताया था। परवाणू से कंडाघाट तक टीम को बारिश में अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।