दो और तीन जुलाई को मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मध्य पर्वतीय जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा के कई क्षेत्रों में भारी बारिश और अंधड़ का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में एक जुलाई से मानूसन के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बुधवार को भी पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान जताया है। एक जुलाई से प्रदेश में दोबारा से मानसून के सक्रिय होने के आसार हैं। एक जुलाई को हल्की बारिश की संभावना है। दो से पांच जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बादल झमाझम बरसने के आसार जताए गए हैं।
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दो और तीन जुलाई को मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मध्य पर्वतीय जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा के कई क्षेत्रों में भारी बारिश और अंधड़ का येलो अलर्ट जारी किया गया है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज हुई है। सोमवार रात को ऊना में न्यूनतम तापमान 25.2, बिलासपुर में 24.5, हमीरपुर में 24.8, नाहन में 23.4, कांगड़ा में 23.6, चंबा में 21.8, धर्मशाला में 20.6 और शिमला में 17.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
गर्मी से लोग बेहाल, ऊना में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस
हिमाचल प्रदेश में मानसून के कमजोर पड़ते ही गर्मी ने पसीने छुड़ाना शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को ऊना में इस माह का दूसरा सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड हुआ। मंगलवार को ऊना का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि बीते 14 जून को 43 डिग्री था। मंगलवार को प्रदेश भर में धूप खिली। मैदानी जिलों के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भी गर्मी की तपिश बढ़ गई है। सोमवार रात को पांवटा साहिब में इस सीजन का सबसे अधिक न्यूनतम तापमान 29.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। दिन के साथ रात को भी गर्मी बढ़ने से लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।