हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार से सोमवार तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मध्य पर्वतीय जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा के कई क्षेत्रों में आगामी चार दिनों तक भारी बारिश होने के आसार हैं। एक सितंबर तक पूरे प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने येलो अलर्ट के दौरान भूस्खलन होने की संभावना जताई है। पर्यटकों व स्थानीय लोगों से नदी और नालों से दूर रहने की अपील की गई है। गुरुवार को राजधानी शिमला में मौसम साफ रहा। दोपहर बाद शहर में धूप भी खिली।
गुरुवार को कांगड़ा में 11 और धर्मशाला में 6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश के अन्य जिलों में मौसम मिलाजुला रहा। बुधवार रात को मंडी जिला के गोहर में 66, मंडी-कांगड़ा में 53, सुंदरनगर में 48, पंडोह में 39, धर्मशाला-नगरोटा सूरियां में 33, बैजनाथ में 24, शिमला में 19, करसोग-जोगिंद्रनगर में 18, नारकंडा में 15, अर्की में 11, पांवटा साहिब में 10 और कुफरी में 9 मिलीमीटर बारिश दर्ज गई है। उधर, मानसून सीजन के तहत अभी भी प्रदेश में सामान्य से 20 फीसदी कम बारिश हुई है। गुरुवार को ऊना में अधिकतम तापमान 36.6, बिलासपुर में 33.0, हमीरपुर में 32.8, चंबा में 31.4, भुंतर में 31.2, सोलन में 31.0, कांगड़ा में 30.1, सुंदरनगर में 29.8, नाहन में 28.6, धर्मशाला में 28.2, केलांग में 26.8, शिमला-कल्पा में 24.1 और डलहौजी में 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
एक सप्ताह में सामान्य से एक फीसदी ज्यादा बारिश
प्रदेश में बीते एक सप्ताह के दौरान सामान्य से एक फीसदी अधिक बारिश दर्ज हुई है। 20 से 26 अगस्त तक प्रदेश में 51 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। शिमला, मंडी, कुल्लू, बिलासपुर और सोलन जिला में सामान्य से अधिक बारिश हुई। हमीरपुर और किन्नौर में सामान्य तथा चंबा, कांगड़ा, सिरमौर, ऊना और लाहौल-स्पीति जिला में सामान्य से कम बादल बरसे।
थुनाग में भूस्खलन से मकान और गोशाला ढहे
मंडी जिले में भारी बारिश ने फिर कहर बरपाया है। भारी बारिश के बाद भूस्खलन से थुनाग में एक गोशाला व नया बन रहा मकान ढह गया है। इससे प्रभावित परिवार को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि हादसे के समय मकान में कोई नहीं था अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। जबकि भूस्खलन से पहले ही गोशाला में रखे मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। वहीं, जिले में गुरुवार सुबह सात मील के पास भूस्खलन के कारण चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे-3 करीब तीन घंटे बंद रहा। इस दौरान हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।