निगुलसरी में पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण हाईवे 10 घंटे तक बंद रहा
ऊना जिले में बुधवार सुबह भारी बारिश के चलते नाले और खड्ड उफान पर आ गए। हरोली के पंडोगा क्षेत्र में खड्ड पर बने कॉजवे को पार करते समय एक कार तेज बहाव में बह गई। पानी कार को करीब 100 मीटर तक अपने साथ ले गया, लेकिन वाहन में सवार दोनों युवक किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे। बाद में स्थानीय लोगों ने ट्रैक्टर और अन्य मशीनों की मदद से कार को बाहर निकाला। प्रदेशभर में लगातार बारिश के कारण 100 से अधिक सड़कें बंद हैं। कई क्षेत्रों में भूस्खलन, जलभराव और बिजली-पानी की आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किन्नौर के निगुलसरी में पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग लगभग 10 घंटे तक बंद रहा।
पांवटा साहिब क्षेत्र में करंट लगने से दो गायों की मौत
सिरमौर जिले में सबसे अधिक असर देखने को मिला, जहां 51 सड़कें बंद हो गई हैं। जल शक्ति विभाग की 26 पेयजल एवं सिंचाई योजनाएं प्रभावित हैं, जबकि बिजली व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा है। पांवटा साहिब क्षेत्र में करंट लगने से दो गायों की मौत हो गई। खराब मौसम के चलते पांवटा साहिब के सभी शिक्षण संस्थान वीरवार को भी बंद रहेंगे। किन्नौर जिले के निगुलसरी क्षेत्र में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग करीब 10 घंटे बंद रखा। कुल्लू जिले में बंजार उपमंडल की 17 और कुल्लू उपमंडल की दो सड़कें बंद हैं। जिले में 34 ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए हैं। मंडी में मंगलवार रात की बारिश के बाद 33 सड़कें अवरुद्ध हुईं, हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग-003 को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। हमीरपुर के नादौन में भारी बारिश से एक बार फिर जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे कई घरों में पानी घुस गया।
बिलासपुर, कांगड़ा और सिरमौर में बारिश का येलो अलर्ट
धर्मशाला और सोलन सहित कई क्षेत्रों में दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। राजधानी शिमला में दिन को बादल छाए और शाम को बारिश हुई। प्रदेश के तीन जिलों बिलासपुर, कांगड़ा और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में वीरवार को बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। प्रदेश में अन्य क्षेत्रों में भी बारिश के आसार हैं। 11 अगस्त तक प्रदेश में मौसम खराब बना रहने की संभावना है।
क्षेत्र बारिश मिलीमीटर में
नाहन 100
कांगड़ा 76
धर्मशाला 60
ऊना 52
मंडी 32
सोलन 20
शिमला 10
बिलासपुर 10