110 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित
आपदा के बाद से राज्य में भूस्खलन से सोमवार शाम तक 200 सड़कें बाधित रहीं। 62 बिजली ट्रांसफार्मर व 110 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। मंडी जिले में सबसे अधिक 121 सड़कें व 39 जल आपूर्ति स्कीमें बाधित हैं।
मानसून में अब तक 1,607 कच्चे-पक्के घर क्षतिग्रस्त
प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 28 जुलाई तक 164 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 269 लोग घायल हुए हैं। 35 लोग अभी भी लापता हैं। इस दाैरान 74 लोगों की सड़क हादसों में माैत हुई है। बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 1,607 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 1,168 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,402 पालतु पशुओं की माैत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा 1,52,311.51 लाख रुपये पहुंच गया है।
इतने दिन बरसेंगे बादल, इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 28 से 30 जुलाई के दौरान बारिश की अधिक गतिविधि होने की संभावना है, जिसकी अधिकतम तीव्रता 29 जुलाई को होगी। राज्य में 28 से 30 जुलाई तक अधिकांश स्थानों हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है। 31 जुलाई से 3 अगस्त तक अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। 29 जुलाई को कांगड़ा, कुल्लू व मंडी जिले में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि 28 से 31 जुलाई तक कुछ स्थानों पर 29 जुलाई 2025 को बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। जबकि 28, 30 जुलाई से 3 अगस्त तक कई स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट है। अगले 48 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 2-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है।