फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal: अतिक्रमित वन भूमि पर उगाए सेब के पेड़ काटने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, जानिए पूरा मामला

Mon, 28 Jul 2025 01:12 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/दिल्ली

सार

प्रदेश हाईकोर्ट के 2 जुलाई 2025 के अतिक्रमित वन भूमि पर उगाए सेब के पेड़ काटने के आदेश पर सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को रोक लगा दी है। 
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल के बागवानों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने अतिक्रमण वाली वन भूमि से सेब के पेड़ काटने के हिमाचल हाईकोर्ट के 2 जुलाई को पारित फैसले पर रोक लगा दी है। हिमाचल हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ शिमला नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सोमवार को याचिका पर सुनवाई हुई।

विज्ञापन



मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई, न्यायाधीश के विनोद चंद्रन और न्यायाधीश एनवी अंजारिया की पीठ ने पूर्व उप महापौर टिकेंद्र पंवर की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की। केस की पैरवी सुप्रीम कोर्ट के वकील सुभाष चंद्रन ने की। हिमाचल सरकार की ओर से महाधिवक्ता अनूप रतन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार सब बगीचों की नीलामी करेगी। सरकार के आश्वासन के बाद सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने हाईकोर्ट के आदेशों पर रोक लगाई। पंवर की ओर से दायर याचिका में केवल इतनी सी मांग की गई थी कि सेब से लदे पेड़ों को न काटा जाए, क्योंकि इससे भूमि कटाव का खतरा बढ़ जाएगा।
विज्ञापन

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के 2 जुलाई के आदेशों के बाद वन विभाग अवैध भूमि पर उगाए सेब से लदे पेड़ों को काट रहा है। शिमला जिले के चैथला और कुमारसैन में कुछ दिन पहले पेड़ों को काटने की मुहिम विभाग ने शुरू की। इनमें चैथला में सेब के सर्वाधिक 4500 पेड़ काटे जा चुके हैं। ये पेड़ फलों से लदे थे। वहीं, कुमारसैन में सैकड़ों पेड़ों पर आरी चली है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें