मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई, न्यायाधीश के विनोद चंद्रन और न्यायाधीश एनवी अंजारिया की पीठ ने पूर्व उप महापौर टिकेंद्र पंवर की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की। केस की पैरवी सुप्रीम कोर्ट के वकील सुभाष चंद्रन ने की। हिमाचल सरकार की ओर से महाधिवक्ता अनूप रतन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार सब बगीचों की नीलामी करेगी। सरकार के आश्वासन के बाद सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने हाईकोर्ट के आदेशों पर रोक लगाई। पंवर की ओर से दायर याचिका में केवल इतनी सी मांग की गई थी कि सेब से लदे पेड़ों को न काटा जाए, क्योंकि इससे भूमि कटाव का खतरा बढ़ जाएगा।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के 2 जुलाई के आदेशों के बाद वन विभाग अवैध भूमि पर उगाए सेब से लदे पेड़ों को काट रहा है। शिमला जिले के चैथला और कुमारसैन में कुछ दिन पहले पेड़ों को काटने की मुहिम विभाग ने शुरू की। इनमें चैथला में सेब के सर्वाधिक 4500 पेड़ काटे जा चुके हैं। ये पेड़ फलों से लदे थे। वहीं, कुमारसैन में सैकड़ों पेड़ों पर आरी चली है।