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Himachal Weather: लाहौल में फटा बादल, शिमला में भारी बारिश से जगह-जगह नुकसान, राज्य में इतने दिन बरसेंगे बादल

Tue, 18 Aug 2026 11:06 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।

सार

 प्रदेश में बारिश-भूस्खलन की वजह से मंगलवार शाम 6:00 बजे तक 88 सड़कें बाधित रहीं। इसके अतिरिक्त 12 बिजली ट्रांसफार्मर व 19 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित चल रही हैं। शिमला में शाम को भारी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन हुआ है।
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शिमला में बारिश से जगह-जगह भूस्खलन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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माैसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच मंगलवार को शिमला सहित प्रदेश के कई भागों में झमाझम बारिश दर्ज की गई।  लाहौल-स्पीति में बादल फटने से सड़क बह जाने के कारण नीलकंठ यात्रा पर निकले श्रद्धालु और किसानों के वाहन फंस गए। भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं से प्रदेशभर में जनजीवन प्रभावित रहा। कालका-शिमला रेलमार्ग पर मलबा आने से चार ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं, जबकि मंडी में एनएच-3 पर चट्टानें गिरने से यातायात बाधित हो गया। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार मंगलवार शाम तक प्रदेश में 88 सड़कें, 19 पेयजल योजनाएं और 12 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित रहे। सबसे अधिक असर मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और सिरमौर जिलों में दर्ज किया गया। शिमला में शाम को भारी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। समरहिल व छोटा शिमला सहित कई अन्य जगह पेड़ गिर गए। टूटू में भूस्खलन हुआ है। शहर के नाले उफान पर आ गए। कई जगह बारिश का पानी घरों में घुस गया। 

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मानसून सीजन में अब तक 197 लोगों को गंवानी पड़ी जान
इस मानसून सीजन में 30 जून से 18 अगस्त तक प्रदेश में आपदा की वजह से 197 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 313 लोग घायल हुए हैं। 32 पक्के और 53 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं 314 कच्चे-पक्के मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। इसके अलावा 14 दुकानों व 284 गोशालाओं को भी नुकसान पहुंचा है। इस अवधि के दाैरान 429 पालतु पशु-पक्षियों की माैत हो गई। प्रदेश में इस मानसून में नुकसान का आंकड़ा 1,00,171.78 लाख रुपये पहुंच गया है। 

सिरमाैर में भूस्खलन से दबे तीन लोग
सिरमौर जिले के कफोटा उपमंडल के बांगरण धार स्थित खनन क्षेत्र में मंगलवार को चूना पत्थर की खान में अचानक भूस्खलन हो गया। भारी मात्रा में मलबा गिरने से तीन मजदूर दब गए। हादसे में एक ट्रक और एक एलएनटी मशीन भी मलबे की चपेट में आ गई। मलबे में दबे लोगों में कमरऊ तहसील के हेवना गांव का एक स्थानीय निवासी और दो प्रवासी मजदूर बताए जा रहे हैं। नायब तहसीलदार कमरऊ ओम प्रकाश ठाकुर ने बताया कि बचाव कार्य जारी है, लेकिन क्षेत्र स्लाइडिंग जोन होने के कारण लगातार मलबा गिर रहा है, जिससे राहत और बचाव अभियान प्रभावित हो रहा है। प्रशासन, पुलिस और बचाव दल मौके पर डटे हुए हैं। खनन के काम पर रोक लगा दी गई है। 
 

उधर, जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के चोखंग स्थित गौरी (गवाड़ी) नाला में सोमवार शाम बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने चोखंग-नैनगाहर सड़क को क्षतिग्रस्त कर दिया। सड़क का हिस्सा बह जाने से क्षेत्र का संपर्क टूट गया है। मार्ग बंद होने के कारण नीलकंठ महादेव यात्रा पर निकले श्रद्धालु और सब्जियों से लदी किसानों की गाड़ियां रास्ते में फंस गई हैं। लोक निर्माण विभाग सड़क बहाली में जुटा है। सोलन जिले के परवाणू और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार दोपहर बाद हुई मूसलाधार बारिश ने व्यापक असर डाला। कालका-शिमला रेललाइन पर कोटी और गुम्मा रेलवे स्टेशन के बीच भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आने से रेल यातायात प्रभावित हुआ। सुरक्षा कारणों से चार ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं। इनमें दो ट्रेनें शिमला, एक तारादेवी और एक कोटी रेलवे स्टेशन पर रोकी गईं। कोटी से यात्रियों को बसों के माध्यम से कालका भेजा गया। परवाणू शहर में कई स्थानों पर जलभराव हो गया और अनेक वाहन आधे तक पानी में डूब गए। 

बारिश से जिले में 15 सड़कें बंद
राजधानी शिमला सहित पूरे ऊपरी शिमला क्षेत्र में मंगलवार को हुई बारिश के कारण 15 सड़कें बाधित हो गई हैं। इन सड़कों से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप है। सुबह 25 सड़कें बाधित थी जिसमें से लोक निर्माण विभाग ने 10 सड़कों को मंगलवार देर शाम तक बहाल कर दिया। अब शेष 15 सड़कों को खोलने में अभी समय लगेगा। लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले के शिमला सर्किल में बंद हुई तीनों सड़कों को मंगलवार शाम तक बहाल कर दिया गया।





 

बारिश से सोलन के कोटी रेलवे स्टेशन और आसपास ट्रेक पर आया भारी मात्रा में मलबा
 मंगलवार दोपहर बाद हुई तेज बारिश से जाबली के समीप कोटी रेलवे स्टेशन व आसपास भारी मात्रा में पानी आ गया। इससे पूरा रेलवे ट्रेक पानी से ढक गया। इससे भारी मात्रा में पानी के साथ मलबा व पत्थर आए। वहीं रेलवे ट्रेक पर नदी की तरह पानी चलने लगा। हालांकि, अब रेलवे की ओर से जेसीबी मशीन से ट्रेक को साफ करवाया जा रहा है। इसमें जल्द ही ट्रेक को साफ करने का दावा किया जा रहा है। इसके अलावा परवाणू के टकसाल में भी बारिश के बाद भारी मात्रा में सड़कों पर पानी भर गया। इससे कई वाहन भी आधे पानी में डूब गए।

कौशल्या खड्ड में भी जलस्तर अचानक बढ़ गया
कौशल्या खड्ड में भी जलस्तर अचानक बढ़ गया। लगातार बारिश के चलते जटौन डैम के गेट भी खोलने पड़े, जिसके बाद निचले क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई। मंडी जिले में बारिश के चलते भूस्खलन का सिलसिला जारी रहा। कोटली क्षेत्र के कुशमल में पहाड़ी दरकने से लोगों में दहशत फैल गई। चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग तीन पर कई स्थानों पर चट्टानें गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। कांगड़ा जिले में दोपहर बाद हुई तेज बारिश से शाहपुर के छतड़ी क्षेत्र में नाले की निकासी बाधित हो गई, जिससे पानी कई घरों में घुस गया। तपोवन क्षेत्र में सड़क का डंगा गिर गया। चंबा जिले में खुंडी जातर पर निकले श्रद्धालुओं को बारिश के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। फिसलन बढ़ने से कई श्रद्धालुओं को बीच रास्ते से लौटना पड़ा, जबकि करीब 150 श्रद्धालु देर रात अलमी गांव पहुंचे। चनेड़-कोहलड़ी सड़क भूस्खलन और पेड़ गिरने से करीब आठ घंटे बाधित रही, जिससे बस सेवाएं भी प्रभावित हुईं। राजधानी शिमला में दिनभर बादल छाए रहे। सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद शाम को झमाझम बारिश हुई। हमीरपुर और ऊना जिलों में हल्की बारिश के बाद मौसम साफ रहा और जनजीवन सामान्य बना रहा।
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कई भागों में 24 अगस्त तक जारी रहेगी बारिश
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई भागों में 24 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। आज चंबा, कांगड़ा व कुल्लू जिले के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि मंडी, शिमला व सिरमाैर जिले के लिए येलो अलर्ट है। इसी तरह 19 अगस्त के लिए हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला व सिरमाैर जिले के लिए येलो अलर्ट है। 20 अगस्त को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू व मंडी में येलो अलर्ट है। 21 अगस्त के लिए कांगड़ा व मंडी जिले में कुछ भागों के लिए येलो अलर्ट है। 
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