नालागढ़ में चिकनी खड्ड में फंसे दो कामगारों को सुरक्षित निकाला
सोलन जिले के नालागढ़ के कंगनवाल के समीप चिकनी खड्ड में फंसे दो कामगारों को सुरक्षित बचा लिया गया। जानकारी के अनुसार दो कामगार बहादुर व सतनाम सिंह मंगलवार सुबह ड्यूटी पर जा रहे थे और अचानक चिकनी खड्ड में जलस्तर बढ़ गया। इससे दोनों बीच खड्ड में फंस गए। कामगारों ने शेर मचाया। इसके बाद गांव के लोग आए। अधिवक्ता विजय सिंह, अनिल कुमार व टेंक चंद खड्ड में उतरे और नजदीक जाकर रस्सी से दोनों कामगारों को बाहर निकाला। दोनों कामगार सुरक्षित बाहर आने से अपनी ड्यूटी पर चले गए।
1235 कच्चे-पक्के मकान, दुकानें क्षतिग्रस्त
इस मानसून सीजन में 20 जून से 14 अगस्त तक राज्य में बादल फटने, बाढ़, भूस्खलन सहित अन्य कारणों से 105 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 184 लोग घायल हुए हैं। अभी भी 35 लोग लापता हैं। 44 लोगों की सड़क हादसे में माैत हुई है। मानसून सीजन में अब तक करीब 1235 कच्चे-पक्के मकानों, दुकानों को क्षति पहुंची है। 798 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 953 पालतु पशुओं व 21,500 पोल्ट्री पक्षियों की माैत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा 78,667.36 लाख रुपये पहुंच चुका है।
राज्य में इतने दिन बरसेंगे बादल
उधर, राज्य में आपदा के 16वें दिन बाद भी मंगलवार शाम 10:00 बजे तक 199 बाधित रहीं। इसके अतिरिक्त 68 बिजली ट्रांसफार्मर व 171 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हैं। सबसे ज्यादा 160 सड़कें अभी भी आपदा प्रभावित मंडी जिले में ठप हैं। जिले में 133 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से राज्य के कई भागों में 21 जुलाई तक बारिश का दाैर जारी रहने का पूर्वानुमान जताया गया है। इस दाैरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का येलो अलर्ट है। विभाग के अनुसार 15, 19 और 20 जुलाई को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। जबकि 16, 17, 18 और 21 को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
बरसात में दो माह के लिए साहसिक गतिविधियां बंद
प्रदेश भर 15 जुलाई से 15 सितंबर तक साहसिक गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। प्रतिबंध के दौरान साहसिक गतिविधियों के संचालन पर पर्यटन विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। बरसात में हर साल दो माह के लिए साहसिक गतिविधियां बंद रहती हैं। पर्यटकों को पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, वाटर स्पोर्ट्स सहित अन्य गतिविधियों के लिए दो माह का इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि, आपदा के चलते कुछ स्थानों पर पहले से ही साहसिक गतिविधियों को बंद कर दिया गया है। अब दो माह के लिए यह गतिविधियां पूरी तरह से बंद हो गई हैं। विभाग की ओर से इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है।