किन्नौर जिले के निचार उपमंडल की रूपी वैली स्थित शिगारचा पंचायत में सोमवार तड़के करीब 10 मिनट तक हुई भीषण ओलावृष्टि ने बागवानों की वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया। शिगारचा, हुरुवा और डबलिंग गांव सबसे अधिक प्रभावित रहे। भारी ओलों ने तैयार हो रही सेब की फसल को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया। कई पेड़ों से फल झड़ गए, जबकि बचे हुए फलों पर पड़े निशानों से उनकी गुणवत्ता प्रभावित हुई है। सेब के अलावा नाशपाती, अखरोट, राजमा, कोदा, तुलसी और अन्य नकदी फसलें भी चपेट में आ गईं। रामपुर बुशहर और चौपाल क्षेत्र में भी सोमवार शाम भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। नोग वैली और आसपास के क्षेत्रों में सेब और मटर की फसलों को भारी क्षति पहुंची है। स्थानीय बागवानों के अनुसार इस सीजन में अब तक लगभग 75 प्रतिशत तक सेब की फसल प्रभावित हो चुकी है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। राजधानी शिमला में शाम के समय हुई तेज बारिश से शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया। सड़क किनारे नाले उफान पर आ गए और यातायात भी प्रभावित हुआ।
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 16 से 21 जून के बीच राज्य के कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है। 15 जून को राज्य के कुछ अलग-अगल इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। चोटियों पर हल्की बर्फबारी के आसार हैं। वहीं अगले 4-5 दिनों में राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। अगले 3-4 दिनों में राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान धीरे-धीरे 2-4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ेगा। शिमला में न्यूनतम तापमान 15.0, सुंदरनगर 18.5, भुंतर 15.2, कल्पा 8.6, धर्मशाला 16.8, ऊना 18.0, नाहन 18.9, केलांग 4.4, पालमपुर 17.0, सोलन 16.4, मनाली 10.5, कांगड़ा 20.1, मंडी 16.0, बिलासपुर 19.0, चंबा 18.2, डलहाैजी 17.1, जुब्बड़हट्टी 17.8, कुफरी 11.9, कुकुमसेरी 6.1, सेऊबाग 12.4 , बरठीं 19.6, पांवटा साहिब 24.0, सराहन 17.5, देहरागोपीपुर 24.0, ताबो 11.3 व नेरी में 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते 24 घंटों के दाैरान खदराला में 5.0, मनाली 2.0 व कुकुमसेरी में 1.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
मंडी शहर में सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे हुई तेज बारिश ने नगर निकाय और जल निकासी व्यवस्था की तैयारियों की पोल खोल दी। तल्याहड़, दो अंब, टारना, स्कूल बाजार, अस्पताल मार्ग और पैलेस कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों से बहकर आया गंदा पानी सकोडी खड्ड में पहुंच गया, जिससे खड्ड का पानी काला पड़ गया और आसपास दुर्गंध फैल गई। आईटीआई चौक के पास नाला अवरुद्ध होने से गंदा पानी पुराने सुकेती पुल तक जमा हो गया। क्षेत्रीय अस्पताल में छत की निकासी पाइप बंद होने के कारण नए और पुराने पर्ची काउंटर परिसर में पानी भर गया, जिससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ी। ऊना जिले में सुबह मौसम साफ रहा, लेकिन दोपहर बाद अचानक बादल छा गए और जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश हुई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।
क्षेत्र बारिश मिलीमीटर में
कुफरी 31
सुंदरनगर 18
शिमला 12
कांगड़ा 11
मंडी 5
नाहन 4