किन्नौर, रामपुर और आनी क्षेत्र में बारिश की वजह से पूरे क्षेत्र में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। जलोड़ी दर्रा में दो इंच से अधिक बर्फबारी दर्ज की गई है। हालांकि, वाहनों की आवाजाही सामान्य है। कड़ाके की ठंड ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने के लिए मजबूर कर दिया है। किन्नौर जिले में भी मौसम खराब होने से बागवानों की परेशानी बढ़ गई है। जिले में अभी उंचाई वाले क्षेत्रों में 40 प्रतिशत बागवानों ने सेब का तुड़ान नहीं किया है। अगर मौसम ऐसा ही रहा तो उन्हें नुकसान झेलना पड़ सकता है।
शिमला में न्यूनतम तापमान 11.0, सुंदरनगर 13.0, भुंतर 10.1, कल्पा 3.0, धर्मशाला 15.2, ऊना 15.6, नाहन 16.1, केलांग 1.4, पालमपुर 12.5, सोलन 11.7, मनाली 6.1, कांगड़ा 15.4, मंडी 13.0, बिलासपुर 17.0, चंबा 13.9, डलहौजी 7.9, जुब्बड़हट्टी 11.5, कुफरी 8.8, कुकुमसेरी 2.1, नारकंडा 7.6, रिकांगपिओ 6.8, सेऊबाग 8.5, धौलाकुआं 16.9, बरठीं 15.4, मशोबरा 10.8, पावंटा साहिब 22.0, सराहन 8.5 और देहरागोपीपुर में 14.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
प्रदेश में बारिश से गेहूं और सब्जियों की फसल को फायदा मिला है। बिजाई के दौरान बारिश से गेंहू की फसल को लाभ मिलने की संभावना है। टमाटर की तैयार फसल के लिए भी बारिश संजीवनी बन कर बरसी है। प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में तैयार मटर की फसल के लिए भी बारिश फायदेमंद बताई जा रही है। धनिया, लहसुन, सरसों, मूली, शलगम, मेथी की फसल के लिए भी बारिश लाभदायक साबित होगी। इन दिनों आगामी फसल के लिए प्याज, बंदगोभी और फूलगोभी की पनीरी तैयार की जा रही है।
इस पर भी बारिश का कोई नकारात्मक असर पड़ने की संभावना नहीं है। हालांकि बागवान इन दिनों बगीचों में घास की कटाई का काम कर रहे हैं। बारिश के कारण यह काम प्रभावित हुआ है। कृषि विशेषज्ञ सुनील ठाकुर ने बताया कि जहां गेहूं की बिजाई हो गई है या होनी है दोनों ही स्थिति में यह बारिश फायदेमंद है, हालांकि थोड़ी और बारिश होगी तो अधिक लाभ मिलेगा। टमाटर सहित अन्य सब्जियों की फसल के लिए भी बारिश फायदेमंद है।