जनजातीय जिला लाहौल की ऊंची चोटियों और रोहतांग में वीरवार सुबह फाहे गिरे, जबकि मैदानी जिलों में दिन भर धूप खिली रही। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मौसम मिलाजुला रहा। शिमला में धूप खिलने के साथ बादल भी छाए रहे। प्रदेश के अधिकतम तापमान में वीरवार को दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज हुई। नौ अगस्त को प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 12 अगस्त तक प्रदेश में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है।
प्रदेश में अभी तक मानसून कमजोर चल रहा है। इसके चलते जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, आने वाले दिनों में बारिश का दौर किस तरह रहता है, इस पर काफी कुछ निर्भर करेगा। एक जून से छह अगस्त तक प्रदेश में सामान्य से 34 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। अगस्त के छह दिनों में सामान्य से 67 फीसदी कम बारिश हुई है। जुलाई में भी सामान्य से 28 फीसदी कम बारिश हुई थी। बीते साल भी जुलाई से सितंबर तक सामान्य से कम बारिश हुई थी।
बीते साल जुलाई में सामान्य से 22 फीसदी, अगस्त में 38 फीसदी और सितंबर में 28 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई थी। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि अभी तक मानसून कमजोर चल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय नहीं है। 15 अगस्त के आसपास मानसून सक्रिय होने की संभावना है। उधर, वीरवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहा।
कुल्लू घाटी के कुछ क्षेत्रों में वीरवार सुबह बारिश रिकॉर्ड हुई। अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। वीरवार को ऊना में अधिकतम तापमान 37.2, भुंतर 34.8, बिलासपुर 34.5, हमीरपुर 34.2, सुंदरनगर 34.3, मंडी 34.1, कांगड़ा 33.8, नाहन-सोलन 32.0, चंबा 30.9, धर्मशाला 29.2, पालमपुर 29.1, शिमला 27.0, कल्पा 26.3, केलांग 23.5 और डलहौजी में 21.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।