ओलावृष्टि से फसलों खासकर सेब को नुकसान हुआ है। कई जगहों पर ओलावृष्टि इतनी तेज हुई कि सेब को बचाने के लिए लगाईं जालियां तक टूट गईं। लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कुल्लू व मंडी के पर्वतीय क्षेत्रों में रुक-रुककर बर्फबारी होती रही। अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल के समीप पीर पंजाल की चोटी से रविवार सुबह हिमखंड गिरने से अफरातफरी मच गई। घटना के समय कुछ पर्यटक चंद्रा नदी के पार मनाली-लेह हाईवे पर बर्फ के बीच मस्ती कर रहे थे। हिमखंड गिरने से कोई नुकसान नहीं हुआ है।
ओलों से सिरमौर, ऊपरी शिमला और कुल्लू जिले में फसलों को ज्यादा नुकसान हुआ है। आनी में ओलों ने सेब के पेड़ों पर लगाईं जालियां भी तोड़ दीं। सिरमौर जिले में पच्छाद, राजगढ़ समेत कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि-अंधड़ से सब्जियों, गेहूं और फलदार पौधों को भारी नुकसान पहुंचा है।
सोलन जिले में शाम को बारिश व कंडाघाट, चंबाघाट व सलोगड़ा जैसे क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई। कुल्लू में रघुपुर घाटी समेत टकरासी, शिल्ली, मुहान आदि क्षेत्रों में बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि हुई है। शिमला में सुबह-शाम बारिश हुई। मंडी के सराज और नाचन में बारिश-ओलावृष्टि व थाची एरिया में हल्की बर्फबारी हुई। कांगड़ा जिले में राजा का तालाब, फतेहपुर और इंदौरा जैसे क्षेत्रों में ओले गिरे। हमीरपुर में भी शाम के समय बारिश-ओले गिरे।
2 से 8 डिग्री तक गिरा पारा मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 24 घंटों में अधिकांश क्षेत्रों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 8 डिग्री तक गिरा है। न्यूनतम में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ। कई हिस्सों में अंधड़-ओलावृष्टि हुई।