पंजाब पुलिस की टीम ने युवक को दो दिन पहले उसके घर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार करने के बाद उसे अपने साथ सीधे पंजाब ले गई है। सूत्रों के अनुसार युवक ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह ग्रेनेड हमला करने वाली गैंग के साथ चिट्टे का सेवन करता था। रूबल चौहान को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। वह यूपीएससी की तैयारी कर रहा था।
रूबल के दादा दिल्ली में संसद भवन में कार्यरत रहे हैं। उसके पिता सुरेंद्र चौहान दिल्ली में ही निजी व्यवसाय करते हैं। माता का मायका कोटखाई के टाऊ गांव में है। वहां से रूबल ने अपनी 12वीं तक की शिक्षा भी प्राप्त की। इसके बाद उसे चंडीगढ़ भेजा गया। वहां पर यूपीएससी की तैयारी कर रहा था।
पूरा मामला क्या है?
चंडीगढ़ के सेक्टर-37 में ग्रेनेड हमला 1 अप्रैल 2026 (बुधवार) शाम करीब 5 बजे हुआ था। यह घटना पंजाब भाजपा के मुख्यालय के बाहर हुई।
क्या हुआ था?
दो हमलावर मोटरसाइकिल पर आए।
एक हमलावर ने भाजपा कार्यालय के पास पार्किंग एरिया में हैंड ग्रेनेड फेंका।
ग्रेनेड कम तीव्रता का था, जो दीवार के पास फटा।
इसमें कोई व्यक्ति घायल या मारा नहीं गया, लेकिन कुछ वाहन (स्कूटर/कारें) क्षतिग्रस्त हो गए।
हमलावरों ने खुद घटना का एक छोटा वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिसमें एक व्यक्ति ग्रेनेड का पिन खोलकर फेंकता दिख रहा है।
जिम्मेदारी का दावा
खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा से जुड़े सुखजिंदर सिंह बब्बर ने सोशल मीडिया पर हमले की जिम्मेदारी ली। उन्होंने इसे पंजाब में कुछ पूर्व घटनाओं (जैसे गुरदासपुर में रंजीत सिंह एनकाउंटर) का बदला बताया और 'खालिस्तान' स्थापित करने की बात कही। वहीं, पुलिस जांच में विदेशी हैंडलर बलजोत लाड़ी की भूमिका सामने आई है जिसके तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े बताए जा रहे हैं। यह कार्रवाई मोहाली काउंटर इंटेलिजेंस ने चंडीगढ़ और हरियाणा पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन में की है।
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