हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में दो फीट बर्फबारी होने के चार दिन बाद ही पूरे प्रदेश समेत चंडीगढ़, दिल्ली, अहमदाबाद, देहरादून, अंबाला और करनाल समेत देश के कई शहरों से शिमला का न्यूनतम पारा अधिक रहा। रात समेत सुबह 8:30 बजे तक राजधानी का न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान में अचानक आए ऐसे बदलाव से हर कोई हैरान है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञ इसका अपना ही तर्क दे रहे हैं, लेकिन अन्य पर्यटन स्थलों पर यह सटीक नहीं बैठ रहा है। सोमवार रात को प्रदेश का सबसे अधिक न्यूनतम पारा शिमला का रहा।
चंडीगढ़ का पारा 9.6, देहरादून का 8.5, जम्मू का 10.7, अमृतसर का 7.4, करनाल का 6.2, अंबाला का 9.4, अहमदाबाद का 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। वहीं, प्रदेश के अधिकतम तापमान में सामान्य से चार से पांच डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश भर में 15 फरवरी तक मौसम साफ रहने की संभावना जताई है। मंगलवार को राजधानी में धूप खिलने के साथ-साथ हल्के बादल भी छाए रहे। मंगलवार को ऊना में अधिकतम तापमान 27.0, बिलासपुर में 25.5, हमीरपुर में 25.3, भुंतर में 25.2, सुंदरनगर में 24.8, मंडी में 24.0, कांगड़ा में 24.1, चंबा में 23.7, शिमला में 20.0, नाहन में 21.4, धर्मशाला में 16.2, मनाली में 16.6, डलहौजी में 14.7, कल्पा में 10.0 और केलांग में 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
मैदानों से गर्म हवाओं के पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से बढ़ता है न्यूनतम तापमान
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि मैदानी जिलों में जब दिन का तापमान अधिक होता है तो यहां से नजदीकी पहाड़ी क्षेत्रों में गर्म हवाएं जाती हैं। इसके परिणामस्वरूप ही शिमला, डलहौजी और कुफरी का न्यूनतम तापमान प्रदेश में सबसे अधिक रहा है। उन्होंने बताया कि गर्म हवाएं हल्की होती हैं, इसके चलते वे नजदीकी ऊपरी क्षेत्रों में जाती हैं। ठंडी हवाएं भारी होती हैं जो पहाड़ी क्षेत्रों से मैदानों में जाकर तापमान में कमी करती हैं।