हिमाचल प्रदेश में बारिश-बर्फबारी के बाद मंगलवार को मौसम तो खुल गया लेकिन दुश्वारियां बरकरार हैं। मंगलवार शाम तक प्रदेश में 357 सड़कें और 540 बिजली ट्रांसफार्मर ठप रहे। पहाड़ी दरकने से चंबा-तीसा मुख्य मार्ग बंद हो गया। चंबा-तीसा मार्ग पर मधुवाड़ और कैला के पास भारी भूस्खलन के कारण मलबा और चट्टानें सड़क पर गिर गईं। साहो में मच्छराली माता मंदिर के पास पहाड़ दरकने से एंबुलेंस समेत अन्य वाहन तीन घंटे फंसे रहे। इस दौरान पहाड़ी से गिरे पत्थर से एक बाइक सवार भी घायल हो गया। चंबा-सलूणी मार्ग पर भी करीब दस घंटे तक वाहनों की आवाजाही थमी रही। नेशनल हाईवे मनाली-लेह से बर्फ हटाने का काम शुरू हो गया है। अटल टनल रोहतांग जाने के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। बर्फबारी से पलचान से नेहरुकुंड तक भी यातायात बाधित रहा। जिला सिरमौर की कुपवी तहसील की डेढ़ दर्जन पंचायतों को राजधानी शिमला से जोड़ने वाला हरिपुरधार-कुपवी मार्ग मंगलवार को दूसरे दिन भी बंद रहा। उधर, लाहौल-स्पीति में 154, शिमला में 86, किन्नौर में 73, कुल्लू में 26, चंबा में 13, मंडी में तीन और कांगड़ा में दो सड़कों पर आवाजाही ठप रही। किन्नौर में 196, शिमला में 133, लाहौल-स्पीति में 122, चंबा में 68, कुल्लू में 11 और मंडी में 10 बिजली ट्रांसफार्मर बंद रहे। प्रदेश में 34 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित रहीं। वहीं, चंबा जिले के जनतातीय क्षेत्र पांगी में मौसम खुलने बाद पांगीवासी अपने घरों की छतों से बर्फ हटाने के कार्य में जुट गए। बर्फ हटाने में पुरुषों संग महिलाएं भी डटी रहीं। ग्रामीणों का कहना है कि भारी बर्फबारी ने परेशानियां बढ़ गई हैं। ऐसे में यदि समय पर घरों की छतों से बर्फ नहीं हटाई गई तो इससे मकानों को भी क्षति पहुंच सकती है। मंगलवार सुबह से ग्रामीण अपने घरों की छतों और आसपास पड़ी बर्फ को हटाते दिखे।