हिमाचल प्रदेश में मानसून अगले कुछ दिनों में फिर सक्रिय रहेगा। मौसम विभाग के 17 अगस्त के बुलेटिन के अनुसार 18 अगस्त को राज्य में कई जगह भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 19 अगस्त को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। 17, 20 और 21 अगस्त को भी अलग-अलग जगह भारी बारिश का पूर्वानुमान है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में तेज हवाएं चल सकती हैं।
हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय रहने वाला है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। 18 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 19 अगस्त को भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 17, 20 और 21 अगस्त को भी कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।
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मौसम विभाग के 17 अगस्त को जारी बुलेटिन के अनुसार पिछले 24 घंटे में प्रदेश में कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि एक-दो स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। कड़ौला में सात सेंटीमीटर, धर्मशाला और धर्मशाला ऑब्जर्वेटरी में सात और तीन सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई। जोत में पांच सेंटीमीटर बारिश हुई। सराहन में दो सेंटीमीटर और जोगिंदरनगर, देहरा गोपीपुर, नाहाकुआं ऑब्जर्वेटरी, ब्राह्मणी, ऊना, गुलेर, बरठीं और कसौली समेत कई स्थानों पर बारिश रिकॉर्ड की गई।
बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में ज्यादा असर
18 अगस्त को बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। ऊना, हमीरपुर और चंबा में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है। शिमला और सोलन में भी 18 अगस्त को अलग-अलग जगह भारी बारिश हो सकती है। कांगड़ा और सिरमौर में 19 अगस्त को भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। 20 और 21 अगस्त को भी कांगड़ा और सिरमौर समेत कुछ जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। दूसरी ओर कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में भारी बारिश की चेतावनी अपेक्षाकृत कम है, हालांकि इन क्षेत्रों में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।
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30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने 17 से 21 अगस्त तक किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। निचले और मध्यम पहाड़ी क्षेत्रों में भी आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज हवाओं का खतरा रहेगा। प्रदेश के मैदानी और निचले पहाड़ी इलाकों में अगले कुछ दिनों के दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी। मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी कई स्थानों पर बारिश का पूर्वानुमान है। ऊंचे पर्वतीय इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट संभव
मौसम विभाग के अनुसार अगले चार से पांच दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। अगले 24 घंटे में अधिकतम तापमान भी लगभग स्थिर रह सकता है। हालांकि इसके बाद अगले तीन से चार दिनों में कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। 17 अगस्त को सबसे कम न्यूनतम तापमान कुकुमसेरी में 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पिछले दिन ऊना में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
बारिश के बीच भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा
भारी से बहुत भारी बारिश के दौरान मैदानी, निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों के संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन, कीचड़ खिसकने और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। नदियों, नालों और अन्य जल निकायों में जलस्तर बढ़ने की संभावना है। निचले क्षेत्रों में जलभराव के साथ फिसलन भरी सड़कों और कम दृश्यता के कारण यातायात भी प्रभावित हो सकता है।
मौसम विभाग ने लोगों को भूस्खलन, कीचड़ खिसकने और फ्लैश फ्लड की आशंका वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है। नदी-नालों और अन्य जल निकायों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, वाहन चलाते समय गति सीमा का पालन करने और मौसम संबंधी ताजा चेतावनियों पर नजर रखने को कहा गया है।