ऐसे लोगों की शिकायतों के बीच विजिलेंस ने बैंकों से लोन लेकर हड़पने वालों की सूची बनाना शुरू कर दी है। बैंकों से भी संपर्क साधा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो डिफॉल्टरों की तलाश के साथ ही लोन देने की प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है।
आशंका है कि इस खेल में बैंक के अधिकारी, कर्मचारी भी शामिल हैं, जो लोन देने के लिए नियमों में छूट देकर अपना हिस्सा तय कर लेते हैं। सूत्रों का कहना है कि चूंकि डिफॉल्टरों की संख्या ज्यादा है, ऐसे में विजिलेंस पहले चरण में करोड़ के फिगर वाले लोन डिफॉल्टरों की जांच कर रहा है।