इस साल मिले 475 करोड़ के अनुदान से बोर्ड अपने घाटे को कम कर सकता है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि साल 2017-18 की दरें ही साल 2018-19 में भी लागू रहेंगी।
बीते साल हुए घाटे का हवाला देेते हुए बोर्ड ने विद्युत नियामक आयोग में पिटीशन दायर की है। इसमें हालांकि दरें बढ़ाने की मांग नहीं की है, लेकिन बिजली बोर्ड का खर्च बढ़ने और बीते साल भी दरें नहीं बढ़ने की दुहाई देते हुए आर्थिक स्थिति को खराब बताया गया है।
हिमाचल में साल 2016 में घरेलू बिजली की दरें 3.5 फीसदी बढ़ाई गई थीं। इससे पूर्व साल 2014-15 में बिजली की दरों में इजाफा किया गया था।
60 यूनिट तक एक रुपये है प्रति यूनिट दाम
वर्तमान में प्रदेश में 60 यूनिट तक सब्सिडी के बाद बिजली का दाम एक रुपये प्रति यूनिट है। 61 से 125 यूनिट तक 1.50 रुपये प्रति यूनिट, 126 से 300 यूनिट तक 2.90 रुपये प्रति यूनिट और 301 से ऊपर 4.35 रुपये प्रति यूनिट दाम तय किया गया है।